
Ranchi: रांची स्थित एनआईए (NIA) के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत में झारखंड पुलिस को चुनौती देने वाले 15 लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर कृष्णा दा उर्फ कृष्णा हांसदा उर्फ कृष्णा मांझी उर्फ अविनाश के मामले में सुनवाई हुई। सुरक्षा कारणों से होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Jitsi Meet App) के जरिए अदालत में डिजिटल रूप से पेश किया गया।

बीएसएफ (BSF) एसआई के अनुपस्थित रहने पर 9 अक्टूबर तक सुनवाई टली
सुनवाई के दौरान अदालत को जानकारी दी गई कि मामले में गवाह के तौर पर शामिल बीएसएफ (BSF) में कार्यरत सब-इंस्पेक्टर (SI) धनेश्वर मुंडा वर्तमान में पंजाब स्थित बीएसएफ हेडक्वार्टर में तैनात हैं, जिसके चलते वे अदालत में उपस्थित नहीं हो सके। इसके बाद एनआईए (NIA) विशेष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अक्टूबर की तिथि तय कर दी।

पारसनाथ और धनबाद जोन में रहा है आतंक का पर्याय
उल्लेखनीय है कि कृष्णा हांसदा भाकपा (माओवादी) का रीजनल कमिटी मेंबर (RCM) था और उस पर झारखंड सरकार ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह झारखंड और बिहार के पारसनाथ जोन में सालों तक आतंक का पर्याय बना रहा। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, कोरोना महामारी के दौरान उसने अकेले पारसनाथ और धनबाद के बालू घाटों से 50 लाख रुपये से अधिक की अवैध लेवी (रंगदारी) वसूली की थी।
जनवरी 2023 में सुरक्षा बलों ने किया था गिरफ्तार
जनवरी 2023 में गिरिडीह जिले की पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने एक बेहद गुप्त और सटीक ऑपरेशन चलाकर इस 15 लाख के इनामी नक्सली को गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी से झारखंड में सक्रिय नक्सलियों के नेटवर्क और उनकी आर्थिक रीढ़ को भारी झटका लगा था।


