
Ravindra Ganjhu: NIA के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत में 20 लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर रविंद्र गंझू उर्फ आक्रमण जी उर्फ मुकेश गंझू से जुड़े अहम मामले में सुनवाई टल गई है। अदालत में गवाह के हाजिर नहीं होने की वजह से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी, जिसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 अक्टूबर की तारीख तय की है। रवींद्र गंझू लातेहार जिले के चंदवा स्थित लुकुइया मोड़ के पास पुलिस टीम पर हुए जानलेवा हमले का मुख्य आरोपी है, जिसमें चार पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। टेरर फंडिंग के एक अन्य मामले में भी अदालत उसे कुछ दिन पहले ही सजा सुना चुकी है।

CPI माओवादी का रीजनल कमांडर था गंझू, घोषित था 20 लाख का इनाम
रवींद्र गंझू प्रतिबंधित नक्सली संगठन CPI माओवादी का रीजनल कमेटी मेंबर और जोनल कमांडर रह चुका है। उसके खिलाफ पुलिस पर हमले और टेरर फंडिंग से जुड़े कई संगीन मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर कुल 20 लाख रुपये का इनाम रखा गया था, जिसमें 15 लाख रुपये झारखंड सरकार और 5 लाख रुपये NIA की तरफ से घोषित थे। लंबे समय तक संगठन के लिए सक्रिय रहने के बाद आखिरकार झारखंड पुलिस ने उसे लातेहार के चंदवा थाना क्षेत्र से धर दबोचा था।

चार पुलिसकर्मियों की शहादत का मुख्य आरोपी, NIA कर रही है पूछताछ
रवींद्र गंझू पर 22 नवंबर 2019 को चंदवा के लुकुइया मोड़ के पास पुलिस दल पर घात लगाकर किए गए बड़े हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने का मुख्य आरोप है। उस हमले में चार बहादुर पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गंवा दी थी। गिरफ्तारी के बाद NIA ने लेवी वसूली, टेरर फंडिंग और बड़ी वारदातों की साजिश से जुड़े मामलों में कड़ाई से पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर लिया हुआ है, ताकि संगठन के नेटवर्क की हर कड़ी सामने आ सके।


