
Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की CBI जांच की मांग वाली याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट में 19 सितंबर को सुनवाई होगी। परीक्षा में पारदर्शिता और उच्चस्तरीय जांच को लेकर प्रार्थी हरिशरण देवगम ने देश की शीर्ष अदालत में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी।

24 अगस्त को हुई थी पहली सुनवाई, जारी हुआ था नोटिस
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय विशेष पीठ के समक्ष इस याचिका पर पहली सुनवाई 24 अगस्त को हुई थी। पहली सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए झारखंड राज्य सरकार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और सीआईडी (CID) समेत अन्य संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।

तारीखों में बदलाव के बाद 19 सितंबर की उम्मीद
शुरुआती आदेश में अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तारीख मुकर्रर की थी। हालांकि, प्रशासनिक और रोस्टर कारणों से इसे पहले 15 सितंबर को सूचीबद्ध किए जाने की उम्मीद जताई गई थी। अब ताजा अपडेट के अनुसार इस महत्वपूर्ण मामले पर 19 सितंबर को सुनवाई होने की प्रबल संभावना है।
याचिकाकर्ता हरिशरण देवगम की ओर से अदालत में स्पष्ट किया गया है कि उनकी मुख्य मांग 13वीं JPSC और हालिया CGL परीक्षा में हुई अनियमितताओं की CBI जांच कराने को लेकर है। याचिका में यह भी रेखांकित किया गया है कि राज्य स्तर पर वर्तमान में CID द्वारा की जा रही जांच पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, अंतरराज्यीय तारों और परीक्षा की संवेदनशीलता व व्यापक प्रभाव को देखते हुए दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से जांच कराना ही न्यायसंगत होगा।


