
Dumka: आगामी दुर्गा पूजा, दीपावली और लोकआस्था के पर्व छठ पूजा को पूरी तरह से सेफ, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए दुमका जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाने में अनुमंडल अधिकारी (SDO) कौशल कुमार की अध्यक्षता में शांति समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रभारी थाना प्रभारी आनंद हेंब्रम, बीडीओ एजाज आलम और अंचल अधिकारी (CO) कपिलदेव ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे।

समाज के हर वर्ग और पूजा समितियों के साथ हुई सीधी बात
शिकारीपाड़ा थाना परिसर में आयोजित इस बैठक में क्षेत्र की सभी दुर्गा पूजा कमेटियों के मेंबर्स के साथ-साथ समाज के विभिन्न धर्मों, संप्रदायों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। मीटिंग का मुख्य मकसद त्योहारों के दौरान आपसी भाईचारा और शांति बनाए रखना था। प्रशासन की ओर से स्थानीय लोगों के सुझाव लिए गए और सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस का 100% पालन करते हुए पूजा का आयोजन कराने का निर्देश दिया गया।

डीजे पर कम्प्लीट बैन, CCTV और फायर सेफ्टी अनिवार्य
सुरक्षा के लिहाज से एसडीएम कौशल कुमार ने साफ निर्देश दिया है कि सभी पूजा पंडालों में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे और अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) लगाना बेहद जरूरी होगा। इसके अलावा पंडालों में डीजे (DJ) बजाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि मूर्ति विसर्जन के दौरान अगर किसी भी पंडाल या जुलूस में अश्लील या भड़काऊ गाने बजाए गए, तो आयोजकों के खिलाफ तुरंत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वालंटियर्स का ड्रेस कोड, पार्किंग और पुलिस गश्त का तगड़ा प्लान
भीड़भाड़ और ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए पूजा समितियों को अपनी-अपनी पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है। साथ ही पंडाल में तैनात रहने वाले वालंटियर्स के लिए प्रॉपर ड्रेस और आई-कार्ड (ID Card) अनिवार्य कर दिया गया है। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए संवेदनशील इलाकों में मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती रहेगी, जबकि पुलिस की चलंत पेट्रोलिंग गाड़ियां दिन-रात अलर्ट मोड में पूरे इलाके पर नजर रखेंगी।


