
कहलगांव: अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस के अवसर पर NTPC कहलगांव के जीवन-ज्योति अस्पताल की ओर से संयंत्र परिसर स्थित सर्विस बिल्डिंग, स्टेज-2 में जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 250 संविदा संयंत्र कर्मियों और एनटीपीसी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में महाप्रबंधक (O&M) मनोरंजन परिडा समेत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। सत्र के दौरान कर्मियों को सर्पदंश की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों और समय पर इलाज के महत्व की जानकारी दी गई।

सर्पदंश को लेकर दी गई जरूरी जानकारी
NTPC कहलगांव के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण कांत चौधरी ने सर्पदंश की घटनाओं, विषैले सांपों और उनके विष की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सर्पदंश के बाद प्राथमिक उपचार, बचाव के उपाय और इससे जुड़ी आम भ्रांतियों पर भी विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि सर्पदंश एक आपात स्थिति है और ऐसे मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने लोगों से झाड़-फूंक या अन्य पारंपरिक तरीकों में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की अपील की।
क्या करें और क्या न करें?
सत्र के दौरान सर्पदंश की स्थिति में क्या करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए, इसकी जानकारी भी दी गई। कर्मियों को बताया गया कि सही समय पर चिकित्सकीय सहायता मिलने से गंभीर स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है।
महाप्रबंधक (O&M) मनोरंजन परिडा ने भी सर्पदंश के मामलों में समय पर उपचार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कर्मचारियों से जागरूकता को अपने कार्यस्थल के साथ-साथ आसपास के समुदाय तक पहुंचाने की अपील की।
सवाल-जवाब के जरिए दूर की गई भ्रांतियां
एनटीपीसी कहलगांव के पीआरओ सह नैगम संचार के प्रबंधक चेव्वाकुला श्रीकांत ने बताया कि जागरूकता सत्र संवादात्मक रहा। कार्यक्रम में शामिल कर्मियों ने सर्पदंश से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका चिकित्सकीय विशेषज्ञों ने जवाब दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को सर्पदंश के प्रति जागरूक करना और आपात स्थिति में सही कदम उठाने के लिए तैयार करना रहा।
(अतीश दीपंकर की रिपोर्ट)


