
New Delhi: नई दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे INDIA ब्लॉक के सांसदों के मार्च को मंगलवार को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। संसद भवन के मकर द्वार से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ रहे विपक्षी नेताओं को आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद संसद मार्ग पर ही सड़क पर बैठकर धरने पर बैठ गए।

CEC के इस्तीफे और SIR वापस लेने की मांग
विपक्षी सांसदों का यह विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लेने की मांग को लेकर है। विपक्षी दलों का सीधा आरोप है कि वोटर लिस्ट में बदलाव और संशोधन की आड़ में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की गई हैं। इसी मुद्दे को लेकर INDIA ब्लॉक ने देशभर में विरोध तेज कर दिया है और 1 नवंबर को दिल्ली में एक विशाल रैली का भी ऐलान कर रखा है।

धारा 163 लागू और सुरक्षा का कड़ा पहरा
दिल्ली पुलिस के अनुसार नई दिल्ली जिले में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है, जिसके तहत किसी भी तरह के जमावड़े या अनधिकृत मार्च पर रोक है। स्थिति को देखते हुए संसद भवन से लेकर चुनाव आयोग दफ्तर और जंतर-मंतर तक सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। अर्धसैनिक बलों की पांच से अधिक कंपनियों और दिल्ली पुलिस के जवानों को रास्ते में तैनात किया गया था। इस मार्च में करीब 140 विपक्षी सांसदों के जुटने की उम्मीद थी।
पांच दिनों में 9 FIR और 18 गिरफ्तारियां
जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पिछले पांच दिनों से जारी अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों को लेकर पुलिस ने अब तक कुल 9 FIR दर्ज की हैं। इनमें नियमों का उल्लंघन करने, सरकारी काम में बाधा डालने और कानून व्यवस्था बिगाड़ने से जुड़ी धाराएं शामिल हैं। पुलिस ने अब तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 300 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया गया। उधर 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी इसी मुद्दे पर जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की घोषणा कर रखी है।


