
Jamtara: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर जामताड़ा जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के बैनर तले व्यापारियों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। डिजिटल लेनदेन पर सरकार द्वारा लागू किए गए 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में चेंबर के पदाधिकारियों और स्थानीय कारोबारियों ने गांधी चौक स्थित बापू प्रतिमा के पास एक घंटे का सांकेतिक और शांतिपूर्ण धरना दिया।

हाथों में तख्तियां लेकर बुलंद की आवाज
धरना प्रदर्शन के दौरान चेंबर के सदस्यों ने अपने हाथों में डिजिटल टैक्स के विरोध में तख्तियां लेकर गांधीवादी तरीके से अपनी मांगें रखीं। व्यापारियों का कहना था कि बापू की जयंती का दिन सत्य, अहिंसा और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का सबसे उपयुक्त अवसर है।

‘0.4% MDR शुल्क व्यापारियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ’
धरना को संबोधित करते हुए जामताड़ा जिला चेंबर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि एक तरफ सरकार देश में डिजिटल इंडिया और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर 0.4% का एमडीआर शुल्क थोपकर उनका आर्थिक उत्पीड़न करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर व्यापारी जगत और आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ करार दिया।
MDR शुल्क पूरी तरह जीरो करने की मांग
चेंबर अध्यक्ष ने आगे कहा कि कोरोना काल के बाद से ही थोक और खुदरा व्यापारी मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनियों और बड़े कॉरपोरेट घरानों की वजह से स्थानीय छोटे दुकानदारों का अस्तित्व पहले से ही खतरे में है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर 0.4% का अतिरिक्त शुल्क छोटे दुकानदारों की कमर तोड़ देगा। जामताड़ा चेंबर ने केंद्र सरकार से मांग की है कि डिजिटल इंडिया को सफल बनाने के लिए इस एमडीआर शुल्क को तत्काल प्रभाव से ‘जीरो एमडीआर’ (Zero MDR) किया जाए।


