
Giridih: गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड अंतर्गत कथवारा गांव में प्रस्तावित चिड़ियाघर के निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा है। इलाके में पहले से निर्माणाधीन जैव पार्क के ठीक पास चिड़ियाघर बनाए जाने के फैसले के खिलाफ बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हो गए हैं और उन्होंने इस योजना का पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि प्रशासन का यह फैसला उनके पारंपरिक रहन सहन और संस्कृति पर सीधा असर डालेगा।



विस्थापन और संस्कृति खत्म होने का सता रहा डर
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों का आरोप है कि अगर इस तय जगह पर चिड़ियाघर का निर्माण कराया जाता है, तो सदियों से यहां रह रहे संथाली संस्कृति से जुड़े आदिवासी परिवारों को अपनी जमीन और घरों से बेदखल होना पड़ेगा। अपनी मिट्टी और पहचान खोने के डर से ग्रामीण काफी चिंतित हैं। उन्होंने प्रशासन से दो टूक मांग की है कि चिड़ियाघर के निर्माण स्थल को बदलकर घनी आबादी और रिहायशी इलाके से काफी दूर किया जाए, ताकि किसी भी गरीब और आदिवासी परिवार को विस्थापन का दर्द न झेलना पड़े।
विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीण
चिड़ियाघर के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन में गांव के सैकड़ों लोगों ने अपनी आवाज बुलंद की। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से सिकंदर हेंब्रम, अबन टुडू, सुभाष कुमार, जागो रजक, लखीराम, सोनाराम और सहदेव समेत काफी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। आंदोलन कर रहे लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया और जबरन निर्माण कार्य शुरू कराने की कोशिश की, तो वे आगे चलकर अपने आंदोलन को और अधिक तेज करने के लिए बाध्य होंगे।


