
Palamu: पलामू जिले के छतरपुर अनुमंडल में हत्या, डकैती और दूसरे गंभीर अपराधों से जुड़े पुराने मामलों को निपटाने में पुलिस ने तेजी दिखाई है। सितंबर 2026 में अनुमंडल के अलग-अलग थानों में गंभीर अपराधों से जुड़े 18 नए मामले दर्ज हुए, जबकि पुलिस ने इसी दौरान 37 मामलों का निपटारा किया। यानी जितने नए मामले दर्ज हुए, उससे दोगुने से भी ज्यादा पुराने और नए मामलों का निपटारा किया गया। इसका असर लंबित मामलों की संख्या पर भी पड़ा है। महीने की शुरुआत में जहां 185 मामले लंबित थे, वहीं सितंबर के अंत तक इनकी संख्या घटकर 166 रह गई।

पलामू SP कपिल चौधरी के निर्देश पर छतरपुर SDPO प्रशांत कुमार के नेतृत्व में गंभीर और लंबे समय से लंबित मामलों की जांच में तेजी लाई गई है। पुलिस के मुताबिक, सितंबर महीने में हत्या, डकैती और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े विशेष प्रतिवेदित (SR) मामलों पर खास ध्यान दिया गया। इस दौरान अलग-अलग थानों में दर्ज नए मामलों के साथ पहले से लंबित केसों की भी समीक्षा की गई और जांच पूरी कर उनका निपटारा किया गया।

सितंबर में 18 नए केस दर्ज, पुलिस ने निपटाए 37 मामले
पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में छतरपुर अनुमंडल के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 18 नए SR मामले दर्ज हुए। इसी अवधि में पुलिस ने 37 मामलों का निपटारा किया। नए दर्ज मामलों की तुलना में निपटारे का अनुपात करीब 206 प्रतिशत रहा।
इसका मतलब है कि पुलिस ने सिर्फ सितंबर में दर्ज मामलों पर ही काम नहीं किया, बल्कि पहले से लंबित मामलों को भी निपटाया। इसी वजह से महीने के अंत तक पुराने मामलों की संख्या में कमी आई।
एक महीने में 185 से घटकर 166 रह गए लंबित मामले
सितंबर की शुरुआत से पहले छतरपुर अनुमंडल के थानों में कुल 185 SR मामले लंबित थे। महीने के दौरान 18 नए मामले दर्ज होने से कुल मामलों की संख्या बढ़कर 203 हो गई। लेकिन पुलिस ने इनमें से 37 मामलों का निपटारा कर दिया। इसके बाद सितंबर के अंत में लंबित मामलों की संख्या 166 रह गई।
इस तरह एक महीने के भीतर लंबित मामलों में 19 की कमी दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गंभीर मामलों की नियमित समीक्षा और जांच में तेजी लाने से यह परिणाम सामने आया है।
SP ने थाना प्रभारियों को दिए निर्देश, पुराने मामलों की जांच में तेजी लाने पर जोर
पलामू पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों को लंबे समय तक लंबित नहीं रहने देना उसकी प्राथमिकता है। इसके लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें और जांच पूरी कर जल्द कार्रवाई करें।
SP कपिल चौधरी के निर्देशन में पुलिस का जोर इस बात पर है कि मामलों की जांच समय पर पूरी हो और पीड़ितों को न्याय मिलने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। पुलिस ने आने वाले दिनों में भी पुराने और गंभीर मामलों के निपटारे में इसी तरह तेजी बनाए रखने की बात कही है।


