
Ranchi: अगर आपके पास जमीन के पुख्ता कागजात हैं, तब भी यह जरूरी नहीं कि आप शहर में बिना किसी अड़चन के अपने सपनों का आशियाना खड़ा कर सकें। राजधानी रांची के डोरंडा इलाके से आई यह घटना बताती है कि कैसे अपनी ही जमीन पर काम शुरू कराना किसी सिरदर्द से कम नहीं है। मनीटोला में एक परिवार जब अपनी पुश्तैनी जमीन पर मकान का काम शुरू कराने पहुंचा, तो दबंगों ने सीधे तौर पर काम रुकवा दिया और काम चालू रखने की एवज में पूरे 20 लाख रुपये की मांग रख दी। दो टूक कह दिया गया कि जब तक जेब ढीली नहीं होगी, तब तक वहां एक ईंट भी नहीं रखी जा सकती।

प्रति डिसमिल एक लाख की वसूली का सीधा गणित
पीड़ित संतोष कुमार के मुताबिक मनीटोला के सरकारी कुएं के पास उनके पिता के नाम पर करीब 20 डिसमिल वैध जमीन है। परिवार ने जब इस जमीन पर पक्के निर्माण की तैयारी शुरू की, तभी इलाके का आजम अहमद अपने कुछ अज्ञात साथियों को लेकर वहां पहुंच गया। आरोपियों ने पहले तो जमीन पर अपना हक जताते हुए काम तुरंत बंद करने का हुक्म सुनाया, फिर एक अजीबोगरीब सौदा सामने रख दिया। आरोपियों का कहना था कि अगर काम निर्बाध चलाना है, तो प्रति डिसमिल एक लाख रुपये के हिसाब से पूरे 20 लाख रुपये रंगदारी देनी होगी।

धमकी के बाद थाने पहुंचा मामला, जांच में जुटी पुलिस
सीधे तौर पर मिली इस धमकी के बाद परिवार ने झुकने के बजाय कानून का सहारा लेना बेहतर समझा। संतोष कुमार ने सीधे डोरंडा थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आजम अहमद समेत पांच से छह अज्ञात लोगों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने रंगदारी और धमकाने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर पूरे मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शहर में जमीन के नाम पर अवैध वसूली करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और नामजद आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है।


