
Dumka: झारखंड की उपराजधानी दुमका में सड़कों की स्थिति इन दिनों बेहद खराब हो चुकी है। स्टेट हाईवे हो या फिर NHAI की सड़कें, ज्यादातर रास्तों पर डामर कम और गहरे गड्ढे ज्यादा नजर आ रहे हैं। दुमका एक ऐसा केंद्र बिंदु है जो बिहार और पश्चिम बंगाल की सीमाओं को जोड़ता है। इसके पूरब और दक्षिण में पश्चिम बंगाल और दूसरी तरफ बिहार का इलाका सटता है। अंतरराज्यीय आवागमन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने के बावजूद यहां की मुख्य सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है।

भागलपुर मार्ग से लेकर गिलानपाड़ा बाईपास तक चलना मुश्किल
बिहार के भागलपुर को जोड़ने वाला हाईवे जो दुमका, म्हारो और हंसडीहा होते हुए गुजरता है, पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों की वजह से यहां आए दिन छोटी-बड़ी गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त हो रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दुधानी से म्हारो के बीच देखने को मिल रही है, जहां गड्ढों के कारण वाहनों की रफ्तार थम सी गई है और पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इसके अलावा दुमका शहर का गिलानपाड़ा बाईपास भी बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है। इन प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का चौबीसों घंटे आना-जाना लगा रहता है, लेकिन प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से गड्ढों की अस्थायी भराई तक नहीं कराई जा रही है।

सड़कों की बदहाली पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और पूर्व सांसद ने उठाए सवाल
सरसाबाद पंचायत के मुखिया राजू पूजहर और दुमका के पूर्व सांसद सुनील सोरेन ने इलाके की खराब सड़कों को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि आम जनता लंबे समय से हिचकोले खाते हुए सफर करने को मजबूर है, लेकिन सत्ता पक्ष और स्थानीय प्रशासन जनता की इस बुनियादी परेशानी पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि भारी ट्रैफिक वाले इन रूटों की उपेक्षा से स्थानीय कारोबार और दैनिक आवागमन दोनों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।
संथाल दौरे के बाद सीता सोरेन ने सरकार पर साधा निशाना
संथाल परगना के दौरे पर पहुंचीं बीजेपी नेत्री सीता सोरेन ने भी खस्ताहाल सड़कों को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि संथाल परगना राज्य के शीर्ष नेतृत्व का राजनीतिक क्षेत्र रहा है, इसके बावजूद यहां की सड़कों पर चलना तक मुश्किल हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के बड़े दावों के बीच जमीनी स्तर पर सड़कें बदहाल हैं और सत्ता में बैठे लोगों को जनता का यह दर्द दिखाई नहीं दे रहा है।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सावधानी जरूरी
दुमका जिला सिर्फ एक प्रशासनिक केंद्र ही नहीं है, बल्कि प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा बासुकीनाथ धाम भी इसी क्षेत्र में है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल स्थित मां तारापीठ जाने वाले श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में इन्हीं रास्तों से होकर गुजरते हैं। मुख्य सड़कों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक गड्ढों की भरमार के चलते हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। ऐसे में इस रास्ते से गुजरने वाले आम यात्रियों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सतर्कता बरतने की जरूरत है।


