
Delhi news: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजित दीपके की ओर से गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सत्ता परिवर्तन को लेकर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने साफ कहा कि वे और जागरूक नागरिक पूरी तरह चाहते हैं कि सत्ता परिवर्तन हो और इसमें कतई कुछ गलत नहीं है। बीजेपी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी ने खुद सत्ता परिवर्तन के लिए बार-बार आंदोलन किए हैं, लेकिन जब आज लोकतांत्रिक तरीके से कोई बदलाव की मांग करता है तो उस पर सत्ता पलटने की साजिश रचने का बेबुनियाद आरोप मढ़ दिया जाता है।

जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल बनाने की मांग, विरोध जताना देशद्रोह नहीं
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐतिहासिक जंतर मंतर को दोबारा प्रदर्शन स्थल के रूप में बहाल करने और हिरासत में लिए गए CJP नेताओं आशुतोष रांका एवं सौरव दास की अविलंब रिहाई की मांग को लेकर बुलाई गई थी। प्रशांत भूषण ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता बदलना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने SC के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अंग्रेजों के जमाने का देशद्रोह कानून असंवैधानिक है। जब तक कोई आंदोलन हिंसक नहीं होता, तब तक सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना या असंतोष प्रकट करना संविधान के तहत किसी भी हाल में अपराध नहीं है।

बीजेपी का तीखा पलटवार, गौरव भाटिया बोले संविधान को कमजोर करने की साजिश
इधर इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने मीडिया के सामने आकर जोरदार पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव से लेकर अभिजित दीपके, प्रकाश राज और प्रशांत भूषण तक सब मिलकर एक खास एजेंडे के तहत काम कर रहे हैं, जिसका एकमात्र मकसद लोकतंत्र को कमजोर करना और संविधान की मूल भावना को चोट पहुंचाना है। गौरतलब है कि CJP की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्थापक अभिजित दीपके, आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा और प्रशांत भूषण के साथ-साथ राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल और मशहूर अभिनेता प्रकाश राज भी मौजूद रहे।


