
Prayagraj news : प्रयागराज पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने माफिया और उनके पुराने खौफ के दौर पर करारा प्रहार करते हुए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब कसारी-मसारी का नाम और पहचान इतिहास बन जाएगी और इस पूरे इलाके को भव्य कृष्णपुरी के रूप में विकसित किया जाएगा। सीएम ने कहा कि यह केवल नाम बदलना नहीं बल्कि इलाके के संपूर्ण कायाकल्प और विकास की एक नई शुरुआत है। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर यहां जो भी आधुनिक टाउनशिप और आवासीय योजनाएं तैयार होंगी, वे सभी कृष्णपुरी का हिस्सा होंगी ताकि यह पूरा इलाका एक नई पॉजिटिव आभा के साथ आगे बढ़ सके।

माफिया के नाम से नहीं होगी पहचान, प्रयागराज की गरिमा हुई बहाल
गौरतलब है कि कसारी-मसारी इलाके को लंबे समय तक कुख्यात माफिया अतीक अहमद और उसके सिंडिकेट से जोड़कर देखा जाता रहा है और इसी इलाके के कब्रिस्तान में अतीक और उसके परिवार को दफनाया गया था। सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया कि अब किसी भी इलाके की पहचान किसी माफिया या अपराधी के नाम से नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने पुरानी सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक दौर था जब माफिया राज की वजह से संगम नगरी प्रयागराज की छवि पूरी तरह धूमिल हो चुकी थी और यह व्यापारियों, आम जनता, बेटियों और यहां तक कि न्यायपालिका के लिए बड़ा सिरदर्द बन चुका था। माफियाओं ने प्रयागराज की असली प्रतिभाओं को दबाने की कोशिश की, लेकिन आज वह माफिया पूरी तरह मिट्टी में मिल चुका है। सीएम ने कहा कि UPSC की परीक्षा में प्रयागराज की बेटी के टॉप करने से इस ऐतिहासिक शहर का गौरव फिर से पूरे देश में स्थापित हुआ है।

माफिया से मुक्त जमीन पर बनेंगे 602 आवास, हुआ भूमिपूजन
संगम नगरी में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने पुराने खौफनाक दिनों की याद दिलाते हुए कहा कि पहले अतीक और अशरफ जिस जमीन पर पैर रख देते थे, वह जमीन कब्जा ली जाती थी और तत्कालीन सरकारें उनके सामने लाचार होकर घुटने टेक देती थीं। सड़कों पर खुलेआम असलहे लहराए जाते थे और इसी धरती पर विधायक राजूपाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। लेकिन अब जीरो टॉलरेंस की नीति के चलते माफिया गिड़गिड़ाने पर मजबूर हैं। सीएम ने माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए 602 नए आवासों के निर्माण हेतु विधिवत भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि माफियामुक्त प्रदेश के संकल्प का ही नतीजा है कि आज अपराधियों के अवैध कब्जों को तोड़कर वहां जरूरतमंद परिवारों के अपने घर का सपना सच किया जा रहा है।


