
Giridih: महाराष्ट्र के पुणे शहर की साइबर सेल पुलिस ने गुरुवार को झारखंड के गिरिडीह जिले में एक बड़ी कार्रवाई की। पुणे साइबर सेल के एसआई संत तुकाराम के नेतृत्व में आई पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी की। मुफ्फसिल थाने के एसआई संजय कुमार और पुलिस टीम की मदद से पुणे पुलिस ने अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के देवीपुर गांव के रहने वाले विष्णु वर्मा और देवरी थाना क्षेत्र के भेलवाघाटी गांव निवासी विनोद मंडल को उनके ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया।

किसान से फर्जी RTO लिंक के जरिए ठगे 24 लाख रुपये
मामले की पूरी जानकारी देते हुए पुणे साइबर सेल के एसआई संत तुकाराम ने बताया कि पकड़े गए दोनों शख्स शातिर साइबर अपराधी हैं। इन दोनों ने मिलकर पुणे के रहने वाले एक किसान विट्ठल ठाकुर से 24 लाख रुपये की भारी-भरकम ऑनलाइन ठगी की थी। पुलिस अधिकारी के अनुसार, विष्णु वर्मा और विनोद मंडल ने पीड़ित किसान के मोबाइल पर एक फर्जी एपीके (APK) एप्लीकेशन का लिंक भेजा था। इस लिंक में आरटीओ का झांसा दिया गया था। जैसे ही किसान ने उस फर्जी लिंक पर क्लिक किया, अपराधियों ने उनके बैंक अकाउंट का एक्सेस हासिल कर लिया और कई किस्तों में पूरे 24 लाख रुपये गायब कर दिए।

नेशनल हाईवे मुआवजे में मिले करोड़ों रुपये पर थी ठगों की नजर
जांच में यह बात सामने आई कि पीड़ित किसान विट्ठल ठाकुर की पुणे के अपने गांव में खेती की जमीन थी। उस जमीन से केंद्र सरकार का एक बड़ा नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट गुजरना तय हुआ था। इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार की तरफ से किसान विट्ठल ठाकुर को जमीन अधिग्रहण के बदले करोड़ों रुपये का मुआवजा मिला था। शातिर साइबर अपराधियों को इस बात की भनक लग गई थी और उन्होंने साल 2025 में मौका देखकर किसान को निशाना बनाया व 24 लाख रुपये उड़ा लिए।
स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपियों को ले जाया गया पुणे
घटना के बाद पीड़ित किसान ने पुणे के साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुणे पुलिस मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और बैंक ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ते हुए गिरिडीह तक पहुंची। गिरिडीह पुलिस के सहयोग से दोनों साइबर ठगों को दबोच लिया गया। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य साथियों और ठगी की रकम की बरामदगी में जुटी है, जिसके बाद दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर पुणे ले जाया जाएगा।


