
राजगीर: नालंदा जिले के राजगीर प्रखंड की भूई पंचायत समेत कई पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर कथित अनियमितता और अवैध वसूली के आरोप सामने आए हैं। मामले से नाराज दर्जनों ग्रामीणों ने सोमवार को राजगीर प्रखंड कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर उनसे 500 रुपये तक लिए गए, लेकिन पैसे देने के बावजूद बाद में लाभुकों का नाम योजना की सूची से हटा दिया गया। प्रदर्शन के दौरान प्रखंड कार्यालय परिसर में काफी देर तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही।

₹500 लेने के बाद नाम काटने का आरोप
ग्रामीणों ने आवास सहायक प्रह्लाद और डाटा ऑपरेटर राजीव कुमार पर पैसे लेने के बावजूद लाभुकों का नाम योजना से हटाने का आरोप लगाया है। सुनील कुमार, नसीब लाल, कुंती कुमारी और इंदु देवी समेत कई ग्रामीणों ने अपनी शिकायत अधिकारियों के सामने रखी।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने योजना का लाभ मिलने की उम्मीद में संबंधित लोगों को पैसे दिए थे, लेकिन इसके बाद भी उनका नाम सूची में नहीं रहा। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
BDO ने दिया जांच का भरोसा
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बातचीत की कोशिश हुई। ग्रामीणों के अनुसार, पत्रकारों के मौके पर पहुंचने के बाद BDO कार्यालय से चले गए थे। बाद में स्थानीय मुखिया के अनुरोध पर BDO एजाज अहमद कार्यालय लौटे और ग्रामीणों से बातचीत की।
BDO ने ग्रामीणों को मामले की जांच कराने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति द्वारा अवैध वसूली किए जाने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि योजना के पात्र लाभुकों में से जो लोग सूची से वंचित रह गए हैं, उनके नाम की जानकारी मुखिया से मांगी गई है। जांच के बाद पात्र और वंचित लोगों के नाम दोबारा सूची में शामिल करने की प्रक्रिया की जाएगी।
फिलहाल ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
(वीरेंद्र कुमार की रिपोर्ट)


