
Ramgarh: छह साल के बेटे के कान के इलाज में लाखों रुपये खर्च होने थे और परिवार के सामने पैसों का इंतजाम करना बड़ी चुनौती बन गया था। परेशान पिता मदद की उम्मीद लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा पहुंचे और अपनी समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तुरंत जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। इसके बाद रामगढ़ जिला प्रशासन ने महज 48 घंटे के भीतर सारी औपचारिकताएं पूरी कर दीं और गुरुवार को मुख्यमंत्री ने बच्चे के इलाज के लिए 10 लाख रुपये का चेक सौंप दिया। आर्थिक मदद मिलने के बाद अब परिवार को तमिलनाडु के वेल्लोर में चल रहे बच्चे के इलाज को आगे बढ़ाने में बड़ी राहत मिलेगी।



यह मामला रामगढ़ जिले के बेराटांड़ स्थित भरेच नगर निवासी रामकिशुन बेसरा के करीब छह वर्षीय बेटे अनूप बेसरा का है। अनूप के कान का इलाज तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (CMC) में चल रहा है। डॉक्टरों ने उसके कान के अंदर सुनने से जुड़े अंग को बदलने की सलाह दी है, जिस पर काफी अधिक खर्च आने की बात कही गई है। इतनी बड़ी रकम जुटाना परिवार के लिए मुश्किल हो रहा था, जिसके बाद अनूप के पिता ने मुख्यमंत्री से मदद मांगने का फैसला किया।
नेमरा पहुंचकर पिता ने सुनाई थी बेटे के इलाज की परेशानी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इन दिनों अपनी दिवंगत मां रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म को लेकर रामगढ़ के नेमरा गांव में हैं। यहां श्रद्धांजलि देने आने वाले लोगों के साथ बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी पहुंच रहे हैं, जो अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं। मुख्यमंत्री उनसे मुलाकात कर आवेदन ले रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं।
इसी दौरान कुछ दिन पहले रामकिशुन बेसरा भी नेमरा पहुंचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर बताया था कि उनके बेटे अनूप के कान का इलाज वेल्लोर में चल रहा है और डॉक्टरों ने जिस उपचार की सलाह दी है, उसमें काफी अधिक राशि खर्च होगी। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से सहयोग की गुहार लगाई थी।
मुख्यमंत्री ने बच्चे के इलाज से जुड़ी परेशानी सुनने के बाद मामले को संज्ञान में लिया और संबंधित अधिकारियों को चिकित्सा सहायता दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया।
48 घंटे में पूरी हुई प्रक्रिया, मुख्यमंत्री ने खुद सौंपा चेक

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रामगढ़ जिला प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत चिकित्सा अनुदान देने की प्रक्रिया शुरू की गई और सभी जरूरी औपचारिकताएं 48 घंटे के भीतर पूरी कर ली गईं।
इसके बाद गुरुवार, 15 अक्टूबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नेमरा में ही अनूप बेसरा के इलाज के लिए 10 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। यह राशि बच्चे के इलाज में आने वाले खर्च के लिए चिकित्सा अनुदान के रूप में दी गई है।
पिता बोले, अब बेटे के इलाज में मिलेगी बड़ी मदद

10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलने के बाद अनूप के पिता रामकिशुन बेसरा ने राहत जताई। उन्होंने कहा कि इस मदद से अब बेटे के इलाज में काफी सहयोग मिलेगा। परिवार को उम्मीद है कि आर्थिक परेशानी कम होने से बच्चे का उपचार आगे बढ़ाने में आसानी होगी।
गुरुवार को मुख्यमंत्री ने नेमरा में अन्य लोगों की समस्याएं भी सुनीं और उनके आवेदन स्वीकार किए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।


