
Digital Desk Naxatra: सार्वजनिक जीवन और संवैधानिक जिम्मेदारियों की व्यस्तताओं के बीच परिवार और अपनों का स्नेह जीवन की सबसे बड़ी पूंजी होता है। ऐसा ही एक बेहद भावुक, आत्मीय और दिल को छू लेने वाला नजारा शुक्रवार को रांची एयरपोर्ट पर देखने को मिला। नौ दिनों के लंबे प्रवास के बाद जब झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो अपने गृह राज्य लौटे, तो हवाईअड्डे पर स्वागत के पलों ने उनकी सारी थकान पलक झपकते ही दूर कर दी।

नन्हे हाथों में फूल लिए खड़ा था पोता
एयरपोर्ट पर अपने परिजनों और समर्थकों के बीच जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष बाहर निकले, उनकी नजर अपने नन्हे पोते युग कांचन पर पड़ी। नन्हा युग अपने छोटे-छोटे हाथों में फूलों का खूबसूरत गुलदस्ता लिए मुस्कराते हुए दादा के स्वागत के लिए बेसब्री से खड़ा था। पोते की मासूम मुस्कान और निश्छल प्रेम को देखकर स्पीकर खुद को रोक नहीं सके और उन्होंने तुरंत आगे बढ़कर उसे गले से लगा लिया।

सोशल मीडिया पर साझा कीं दिल छूने वाली भावनाएं
इस भावुक क्षण को विधानसभा अध्यक्ष ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि नौ दिवसीय प्रवास के बाद लौटने पर यह पल उनके लिए सबसे ज्यादा खास और यादगार रहा। नन्हे युग को सामने देखकर और उसके हाथों से स्वागत पाकर सफर और काम की सारी थकान पलभर में काफूर हो गई।
‘बच्चों का निश्छल प्रेम अनमोल खुशियों में से एक’
स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने अपने संदेश में कहा कि बच्चों का निश्छल प्यार और परिवार का अपनापन सांसारिक जीवन की सबसे बड़ी और अनमोल दौलत है। उन्होंने भावुक होते हुए लिखा कि युग का यह नन्हा-सा स्वागत उनके लिए दुनिया के किसी भी बड़े उपहार से कहीं बढ़कर है। उन्होंने कहा कि एक दादा के लिए इससे ज्यादा सुखद और प्यारा स्वागत भला और क्या हो सकता है। दादा और पोते के इस आत्मीय मिलन की तस्वीरें और भावुक संदेश अब सोशल मीडिया पर भी खूब सराहा जा रहा है।


