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रांची सिविल कोर्ट में छुट्टी के दौरान भी नहीं रुकेगा जरूरी काम

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Ranchi Civil Court : रांची सिविल कोर्ट में 16 अक्टूबर से 17 नवंबर 2026 तक वार्षिक अवकाश रहेगा। इस दौरान अदालतों का सामान्य कामकाज प्रभावित रहेगा, लेकिन जरूरी आपराधिक मामलों की सुनवाई और निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इसके लिए न्यायिक अधिकारियों की ड्यूटी का रोस्टर तैयार किया गया है। अलग-अलग तारीखों पर कौन-से न्यायिक अधिकारी ड्यूटी पर रहेंगे और किस अदालत का अतिरिक्त प्रभार किसके पास होगा, यह भी तय कर दिया गया है। इस संबंध में न्यायायुक्त कार्यालय की ओर से आदेश संख्या 122/प्रशासन-1 जारी किया गया है।

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झारखंड हाईकोर्ट के 26 सितंबर 2026 के पत्र के आधार पर यह व्यवस्था लागू की गई है। रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वार्षिक अवकाश के दौरान जरूरी आपराधिक मामलों का कामकाज बाधित नहीं होना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अनुमंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, रेलवे न्यायिक मजिस्ट्रेट और प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेटों के लिए विशेष रोस्टर तैयार किया गया है।

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16 अक्टूबर से 17 नवंबर तक इन जजों की विशेष ड्यूटी

जारी आदेश के अनुसार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शशि भूषण शर्मा 16 से 31 अक्टूबर तक ड्यूटी पर रहेंगे। इस अवधि में उन्हें अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि नारायण और सचिव DLSA राकेश रौशन की अदालत का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

इसके बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि नारायण एक से 17 नवंबर तक ड्यूटी पर रहेंगे। उन्हें एक से 11 नवंबर तक शशि भूषण शर्मा की अदालत का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, 12 से 17 नवंबर तक सिविल जज संदीप कुमार बेरटम की अदालत का प्रभार भी संभालने की व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा अन्य न्यायिक अधिकारियों के लिए भी अलग-अलग अवधि निर्धारित की गई है। आदेश के मुताबिक, 16 से 20 अक्टूबर, 21 से 25 अक्टूबर, 26 से 29 अक्टूबर, सात से 11 नवंबर और 12 से 17 नवंबर तक विभिन्न न्यायिक अधिकारी रोस्टर के अनुसार जरूरी मामलों का कामकाज संभालेंगे।

इस व्यवस्था में सिविल जज संदीप कुमार बेरटम, एंजेलिना जॉन, खुशबू त्यागी, इला कंडपाल, कुशेश्वर सिंकु, श्रुति शोरेन, प्रशांत गुप्ता, भूपेश चंद्र सामद, प्रशांत कुमार वर्मा, मान्या टंडन, दिव्या राघव, ऋत्विका सिंह, जेनिश मिंज, मनोज कुमार इंदवार, बिजय कुमार यादव, सार्थक शर्मा, पारिधि शर्मा और नुमान खान आजम समेत कई न्यायिक अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।

ड्यूटी वाले जज छुट्टी पर गए तो दूसरे अधिकारी संभालेंगे काम

वार्षिक अवकाश के दौरान न्यायिक कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है। आदेश के अनुसार, रोस्टर ड्यूटी पर तैनात किसी न्यायिक अधिकारी को आपात स्थिति में छुट्टी मिलती है, तो उनके लिए तय इन-चार्ज कोर्ट के अधिकारी संबंधित कामकाज संभालेंगे।

यदि किसी वजह से निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कामकाज संभव नहीं हो पाता है, तो मुख्यालय में उपलब्ध वरिष्ठतम न्यायिक मजिस्ट्रेट को अपने नियमित काम के अलावा आवश्यक न्यायिक कार्यों का निपटारा करना होगा।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वार्षिक अवकाश के दौरान जरूरी आपराधिक मामलों में न्यायिक प्रक्रिया बाधित न हो।

मुख्यालय छोड़ने से पहले अधिकारियों को देना होगा पता और मोबाइल नंबर

न्यायायुक्त कार्यालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, न्यायिक अधिकारियों को मुख्यालय छोड़ने से पहले अपना पता और चालू मोबाइल नंबर उपलब्ध कराना होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे संपर्क किया जा सके।

इसके अलावा सिविल जज के सीनियर और जूनियर डिवीजन के अधिकारियों को स्टेशन छोड़ने की अनुमति मिलने से पहले यह प्रमाणित करना होगा कि उनकी मासिक और त्रैमासिक विवरणियों से संबंधित जरूरी काम पूरे कर लिए गए हैं।

इस आदेश के लागू होने के बाद 16 अक्टूबर से 17 नवंबर तक रांची सिविल कोर्ट में वार्षिक अवकाश के दौरान जरूरी आपराधिक मामलों का निपटारा निर्धारित रोस्टर और अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा।

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