
Ranchi: राजधानी रांची के चर्चित प्रमिला देवी हत्याकांड मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अपर न्याययुक्त पवन कुमार की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में मामले के आरोपियों, दानिश कुरैशी और मोहम्मद साऊद काजी को बरी कर दिया है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में नाकाम रहा, जिसके बाद अदालत ने दोनों को दोषमुक्त कर दिया।

24 अगस्त 2025 का है पूरा मामला
यह मामला 24 अगस्त 2025 का है, जब रांची मुख्य मार्ग पर उलीडीह के परासी चौक के पास प्रमिला देवी का शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने दावा किया था कि पैसों के लेनदेन और विवाद के चलते महिला की हत्या की गई थी।

हादसे का रूप देने का पुलिस ने जताया था अंदेशा
पुलिस जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी नसीम कुरैशी के हज यात्रा पर जाने के बाद उसके बेटे दानिश ने अपने ड्राइवर मोहम्मद साऊद काजी के साथ मिलकर प्रमिला देवी की हत्या की थी। इसके बाद वारदात को दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया गया था।
अदालत में साबित नहीं हो पाए पुलिस के दावे
पुलिस के इन तमाम दावों और थ्योरी के बावजूद अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष कोई पुख्ता सबूत या गवाह पेश नहीं कर सका। दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने पाया कि आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं, जिसके चलते दोनों को बरी कर दिया गया।


