
Ranchi cyber crime: राजधानी में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर नए तरीके से ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। इस बार जालसाजों ने एक व्यक्ति का WhatsApp अकाउंट हैक कर उनके करीबी मित्र से इमरजेंसी में रुपयों की आवश्यकता बताकर 41 हजार रुपये ऐंठ लिए। घटना को लेकर अन्नपूर्णा चौक लालपुर निवासी और एलएमएनएस कॉलेज इटकी के प्राचार्य संजय कुमार ने साइबर क्राइम थाना में अज्ञात ठगों के खिलाफ लिखित प्राथमिकी दर्ज कराई है।

दोस्त के नंबर से आया मदद का संदेश
प्राथमिकी के अनुसार दोपहर करीब सवा बारह बजे संजय कुमार के WhatsApp पर उनके घनिष्ठ मित्र प्रमोद कुमार सिंह के नंबर से एक मैसेज आया। मैसेज में कहा गया कि उनकी UPI सेवा तकनीकी कारणों से काम नहीं कर रही है और उन्हें तत्काल छत्तीस हजार रुपये की सख्त जरूरत है। मैसेज के साथ एक QR Code भी भेजा गया और उस पर तुरंत रकम ट्रांसफर करने का आग्रह किया गया।

संदेह होने पर भी बातों में उलझाया
जब संजय कुमार ने दिए गए QR Code को स्कैन किया तो स्क्रीन पर भुगतान प्राप्तकर्ता के रूप में पंकज कुमार का नाम दिखाई दिया। इस पर उन्होंने मैसेज भेजकर पूछा कि खाता किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर क्यों है। जालसाज ने जवाब दिया कि बहुत जरूरी काम है इसलिए इसी खाते में पैसे ट्रांसफर करने होंगे। अपने पुराने मित्र की बात पर पूरा भरोसा करते हुए संजय कुमार ने चार अलग अलग किस्तों में कुल 41 हजार रुपये UPI के माध्यम से भेज दिए।
फोन पर बात करने के बाद खुला फर्जीवाड़ा
पैसे भेजने के बाद जब संजय कुमार ने स्थिति की जानकारी लेने के लिए प्रमोद कुमार सिंह को सीधे फोन मिलाया तो उनके होश उड़ गए। बातचीत में पता चला कि प्रमोद कुमार सिंह का WhatsApp अकाउंट करीब सवा ग्यारह बजे ही हैक हो चुका था और उन्होंने किसी से भी कोई रकम नहीं मांगी थी। खुद के ठगी का शिकार होने का अहसास होते ही पीड़ित प्राचार्य तुरंत साइबर क्राइम थाना पहुंचे और मामला दर्ज कराया। साइबर पुलिस अब बैंक खातों और संबंधित मोबाइल नंबरों के आधार पर जांच में जुट गई है।


