
Ranchi: राजधानी रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरुलिया रोड स्थित कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में फर्जी बिलिंग और सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ कर करीब एक करोड़ रुपये की भारी वित्तीय अनियमितता किए जाने का मामला सामने आया है। अस्पताल के निदेशक डॉ. बीरेंद्र प्रसाद कश्यप की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल के तीन कर्मचारियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जिन कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है, उनमें आशुतोष कुमार, अंकित कुमार और संतोषी कुमारी शामिल हैं।

फोटोशॉप और सॉफ्टवेयर मैनिपुलेशन के जरिए फर्जी बिलिंग
अस्पताल प्रबंधन की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, तीनों कर्मचारियों पर आपसी मिलीभगत से मरीजों को दिए जाने वाले बिलों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि कर्मचारियों ने फोटोशॉप और बिलिंग सॉफ्टवेयर में तकनीकी छेड़छाड़ करके मरीजों को दिए जाने वाले बिलों की रकम में बदलाव किया।

एक करोड़ रुपये तक के नुकसान का अनुमान
अस्पताल के वास्तविक कंप्यूटर रिकॉर्ड और मरीजों को सौंपे गए बिलों में दर्ज दरों की जब तुलना की गई, तो दोनों में भारी अंतर पाया गया। अस्पताल प्रबंधन के शुरुआती आकलन के अनुसार, इस संगठित फर्जीवाड़े से अस्पताल को करीब 90 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक के वित्तीय नुकसान का अनुमान जताया गया है।
डिजिटल साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपे गए
अस्पताल प्रबंधन ने अपने आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस को मामले से जुड़े कई ठोस साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। पुलिस को सौंपे गए सबूतों में अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, पेन ड्राइव और कथित तौर पर फर्जी बिलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज शामिल हैं।
फॉरेंसिक और वित्तीय जांच में जुटी लोअर बाजार थाना पुलिस
लोअर बाजार थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से मामले की फॉरेंसिक और वित्तीय जांच कराई जा रही है, ताकि फर्जीवाड़े के सही तरीकों और कुल राशि का सटीक पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों की पूरी पुष्टि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।


