
Ranchi News: राजधानी रांची की सड़कों और प्रमुख चौराहों पर लगे होर्डिंग, यूनिपोल और मोनोपोल को लेकर रांची नगर निगम (RMC) ने कड़ा रुख अपना लिया है। शहर में बेतरतीब और अवैध तरीके से विज्ञापन लगाकर चांदी काटने वाली एजेंसियों पर शिकंजा कसते हुए निगम ने अंतिम चेतावनी जारी की है। RMC ने सभी विज्ञापन एजेंसियों को स्पष्ट आदेश दिया है कि वे 26 सितंबर तक हर विज्ञापन पट्ट पर अनिवार्य रूप से अपनी एजेंसी का नाम और यूनिक नंबर दर्ज करें। तय समय सीमा के भीतर नियमों की अनदेखी करने पर ऐसे तमाम ढांचों को काटकर हटाने का अभियान शुरू कर दिया जाएगा।

21 सितंबर की बैठक में बनी थी सहमति, फिर भी मनमानी जारी
दरअसल, नगर निगम कार्यालय में 21 सितंबर को विज्ञापन एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सभी एजेंसियों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया था कि वे अपने सभी होर्डिंग और यूनिपोल पर निर्धारित नंबरिंग और एजेंसी का नाम अनिवार्य रूप से अंकित करेंगे। बैठक में यह भी दो-टूक तय हुआ था कि शहर में जिस भी विज्ञापन पट्ट पर पहचान दर्ज नहीं होगी, उसे निगम द्वारा काटकर हटा दिया जाएगा। इस आधिकारिक सहमति के बावजूद जमीनी स्तर पर एजेंसियों की मनमानी बदस्तूर जारी रही।

निरीक्षण में खुली पोल, बड़ी संख्या में मिले बेनामी होर्डिंग्स
बैठक के बाद जब RMC की टीमों ने शहर के विभिन्न मार्गों और चौक-चौराहों का औचक निरीक्षण किया, तो बड़ी संख्या में ऐसे विज्ञापन पट्ट सामने आए जिन पर न तो एजेंसी का नाम दर्ज था और न ही कोई रजिस्ट्रेशन नंबर। इस खुली लापरवाही को नगर निगम प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। निगम अधिकारियों का मानना है कि पहचान छिपाने के पीछे अवैध कमाई और टैक्स चोरी का बड़ा खेल हो सकता है, जिस पर अब सीधी कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है।
26 सितंबर के बाद चलेगा कटिंग अभियान, ब्लैकलिस्ट होंगी एजेंसियां
नगर निगम ने सभी संबंधित एजेंसियों को दो-टूक शब्दों में चेताया है कि 26 सितंबर की डेडलाइन के बाद किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बिना नाम और नंबर वाले सभी होर्डिंग, यूनिपोल और मोनोपोल को कटर से काटकर जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही आदेश की अवहेलना करने वाली और पारदर्शिता न बरतने वाली दोषी विज्ञापन एजेंसियों को काली सूची यानी ब्लैकलिस्ट में डालने की कानूनी प्रक्रिया भी अमल में लाई जाएगी।


