
Digital Desk Naxatra Samachar: सोशल मीडिया पर चंद सेकंड की तालियां और कुछ हजार व्यूज की सनक किस कदर इंसान की अक्ल पर पर्दा डाल देती है, इसका रूह कंपा देने वाला नजारा इन दिनों चतरा के जंगलों में देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश के बाद जिले का मशहूर तमासिन जलप्रपात इस वक्त अपने सबसे रौद्र और विकराल रूप में है। पानी की तेज धार और पत्थरों की फिसलन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने इस पूरे इलाके को खतरनाक यानी ‘रेड जोन’ घोषित कर रखा है। लेकिन खतरे के इन लाल निशानों को ठेंगा दिखाते हुए रीलबाजों और व्लॉगर्स की टोली मौत के मुहाने पर खड़े होकर तमाशा करने में जुटी है। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि जिस इलाके में किसी भी पल किसी की जान जा सकती है, वहां की राजपुर थाना पुलिस अपनी आंखें मूंदकर बैठी है।

एक चूक और सीधे पाताल, पत्थरों पर जानलेवा फिसलन
पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश ने तमासिन फॉल के मिजाज को पूरी तरह बदल दिया है। पहाड़ों से उतर रहा मटमैला पानी इतनी तेज रफ्तार और गर्जना के साथ गिर रहा है कि दूर खड़े इंसान की भी रूह कांप जाए। पानी के लगातार बहाव की वजह से यहां के भारी-भरकम पत्थरों का कटान बेहद खतरनाक हो चुका है और उन पर काई व फिसलन की ऐसी परत जम चुकी है जहां पैर टिकना लगभग नामुमकिन है। जानकारों की मानें तो इस उफान के बीच अगर किसी का पैर जरा सा भी डगमगाया, तो उसे संभलने का एक मौका तक नहीं मिलेगा और उसका शव ढूंढना भी मुश्किल हो जाएगा।

कैमरा ऑन और जान जोखिम में, पाबंदी के बाद भी न पहरा न रोक-टोक
प्रशासन ने कागजों पर तो तमासिन फॉल में पर्यटकों और आम लोगों के जाने पर सख्त पाबंदी लगा दी है, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। मौके पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड नजर आता है और न ही लोगों को रोकने के लिए कोई सुरक्षाकर्मी तैनात है। इसी ढिलाई का फायदा उठाकर दर्जनों यूट्यूबर्स और युवा सेल्फी स्टिक और मोबाइल थामे सीधे उस जगह तक पहुंच रहे हैं जहां पानी की धार सबसे तेज है। गीले और चिकने पत्थरों के किनारे खड़े होकर कोई डांस का वीडियो बना रहा है तो कोई रोमांच के चक्कर में कैमरे के सामने खतरनाक करतब दिखा रहा है। व्यूज बटोरने की यह अंधी होड़ किसी भी पल एक बड़े मातम में बदल सकती है।
थाना प्रभारी का अजीबोगरीब जवाब, बोले हमें कोई जानकारी नहीं
प्रशासनिक संवेदनहीनता का आलम यह है कि स्थानीय राजपुर थाना पुलिस इस जानलेवा लापरवाही से पूरी तरह बेपरवाह बनी हुई है। जब इस पूरे मामले और मौके पर पसरी मनमानी को लेकर राजपुर थाना प्रभारी रुपेश कुमार से सवाल पूछा गया, तो उनका बेहद गैर-जिम्मेदाराना जवाब सामने आया। उन्होंने बड़ी आसानी से कह दिया कि उन्हें इस बात की कोई सूचना ही नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या पुलिस को किसी बेकसूर की लाश गिरने का इंतजार है? क्या खाकी तभी हरकत में आएगी जब कोई युवा इस उफनते पानी में समा जाएगा? कागजी आदेशों से आगे बढ़कर अगर समय रहते इस मौत के खेल पर ताला नहीं लगाया गया, तो आने वाले दिनों में तमासिन फॉल से किसी बड़े हादसे की खबर आना तय है।


