
Chatra: चतरा अंचल कार्यालय में तैनात राजस्व उप निरीक्षक सतीश प्रसाद को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग की ट्रैप कार्रवाई में 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। अब इस मामले में उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

कैसे हुई पूरी कार्रवाई?
प्राप्त प्रतिवेदन के मुताबिक, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हजारीबाग की ट्रैप टीम ने अपने थाना कांड संख्या 09/26 के तहत यह कार्रवाई की। चतरा अंचल के हल्का-सात में पदस्थापित राजस्व उप निरीक्षक सतीश प्रसाद को शिकायतकर्ता तुलसी यादव से 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए 15 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। यह पूरी कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7(a) के तहत दर्ज मामले में की गई।

गिरफ्तारी के बाद हुआ निलंबन
गिरफ्तारी के तुरंत बाद सक्षम प्राधिकारी ने झारखंड सरकारी सेवक वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियमावली, 2016 के तहत सतीश प्रसाद को 15 सितंबर 2026 से अगले आदेश तक के लिए निलंबित कर दिया। नियमों के मुताबिक निलंबन की इस अवधि के दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाता रहेगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि कारावास से मुक्त होने के बाद उन्हें जिला स्थापना शाखा, चतरा में योगदान देना होगा।
प्रशासन का साफ संदेश, भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं
जिला प्रशासन ने इस पूरे मामले पर साफ किया है कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है, और इसी नीति के तहत नियमानुसार यह कार्रवाई की गई है।


