
स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा मेडिकल की पढ़ाई को नई दिशा देने के लिए रांची का राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी रिम्स एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अगर आप चिकित्सा के क्षेत्र में अध्यापन और शोध से जुड़ना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बेहतरीन मौका सामने आया है। रिम्स प्रशासन ने सुपर स्पेशियलिटी और विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में खाली पड़े असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों को भरने की कवायद शुरू कर दी है।

इन विभागों में खाली हैं 22 पद
रिम्स की ओर से जारी विज्ञापन के मुताबिक कुल 22 पदों पर डॉक्टरों की सीधी बहाली की जाएगी। इनमें ऑर्थोपेडिक, न्यूरोसर्जरी, एनेस्थीसिया, यूरोलॉजी, सीवीटीएस और मेडिकल ऑन्कोलॉजी जैसे बेहद महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। इसके अलावा सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, नियोनेटोलॉजी, न्यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, कार्डियक एनेस्थीसिया और ट्रॉमा न्यूरोसर्जरी विभागों में भी योग्य शिक्षकों की जरूरत है। इस बहाली प्रक्रिया में नियमित पदों के साथ साथ बैकलॉग श्रेणी के खाली पदों को भी शामिल किया गया है।

क्या है योग्यता और अनुभव का पैमाना
आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन यानी एनएमसी के मानकों के अनुसार MD या MS की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही संबंधित विषय में तीन साल का शिक्षण या शोध का अनुभव होना चाहिए। जिन डॉक्टरों ने एमसीएच या डीएम किया है, उनके लिए एक साल का अनुभव मान्य रहेगा। वहीं, तीन साल की मान्यता प्राप्त DM या MCH डिग्री वाले डॉक्टरों के लिए किसी अतिरिक्त अनुभव की आवश्यकता नहीं रखी गई है।
दो चरणों में पूरी होगी चयन प्रक्रिया
रिम्स प्रशासन ने इस चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए दो चरणों में बांट दिया है। पहले चरण में अभ्यर्थियों के आवेदन पत्रों और उनकी योग्यताओं की बारीकी से जांच की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में डीन (अकादमिक्स) की अध्यक्षता में बनी एक विशेष समिति सभी आवेदनों की स्क्रीनिंग करेगी और योग्य उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट करेगी।


