
Ranchi: रांची में RMZ Infrastructure के प्रेसिडेंट दीपक छाबरिया से मुलाकात के दौरान झारखंड में निवेश की संभावनाओं को लेकर चर्चा हुई। बातचीत में खास तौर पर Global Capability Centres यानी GCCs स्थापित करने और राज्य में भविष्य की तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में क्षमता विकसित करने के मुद्दे पर विचार किया गया।

IT और AI से लेकर सेमीकंडक्टर तक की बात

चर्चा के दौरान IT, AI, सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर बात हुई। इन क्षेत्रों में झारखंड में किस तरह नई क्षमताएं विकसित की जा सकती हैं, इसे लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
RMZ Infrastructure फिलहाल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर क्षेत्र में भी विस्तार की योजना पर काम कर रहा है। कंपनी ने 2026 में भारत में अपनी डेटा सेंटर क्षमता को अगले पांच वर्षों में 2 से 3 GW तक बढ़ाने के लिए बड़े निवेश की योजना बताई है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों पर जोर
मुलाकात के दौरान झारखंड के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने और राज्य को नई तकनीकों से जुड़े विकास में आगे ले जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
बातचीत को आगे बढ़ाने और निवेश से जुड़े संभावित अवसरों पर काम करने की बात कही गई। हालांकि, इस मुलाकात में किसी विशेष निवेश राशि, परियोजना या निवेश समझौते की घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है।
भविष्य की तकनीकों में झारखंड की भूमिका पर फोकस
चर्चा का एक प्रमुख हिस्सा यह रहा कि झारखंड के युवाओं की क्षमता और राज्य में उपलब्ध संभावनाओं को IT, AI और दूसरी उभरती तकनीकों से कैसे जोड़ा जा सकता है। इसका उद्देश्य राज्य में रोजगार और तकनीकी क्षमताओं के लिए नए अवसर तलाशना बताया गया।


