
Giridih: जिले में ग्रामीण सड़क योजनाओं में घटिया निर्माण सामग्री और गड़बड़ी के खेल पर एक बार फिर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। देवरी प्रखंड के खजूरी स्थित बुढ़ियासरे वाया चांदली मार्ग पर ग्रामीण कार्य विभाग के तहत बन रही सड़क में धांधली की पोल खुलते ही स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। ग्रामीणों ने मौके पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और घटिया सामग्री से किए जा रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोक दिया। ग्रामीणों का साफ आरोप है कि ठेकेदार और संवेदक सरकारी पैसों की बंदरबांट कर बिना किसी मानक के थर्ड क्लास दर्जे की सामग्री बिछा रहे हैं।

थर्ड क्लास गिट्टी और रद्दी बालू का खुला इस्तेमाल
विरोध कर रहे ग्रामीणों ने मौके पर काम का मुआयना करते हुए दिखाया कि सड़क की बेस और ढलाई में जो गिट्टी इस्तेमाल की जा रही है, वह बेहद घटिया और दोयम दर्जे की है। गिट्टी में न तो पकड़ है और न ही वह तय मापदंडों पर खरी उतर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में जो बालू गिराया गया था, उसकी गुणवत्ता भी पूरी तरह मिट्टी जैसी और थर्ड क्लास थी। ग्रामीणों ने काम रोकते हुए चेतावनी दी कि इस तरह की सड़क पहली ही बारिश में पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी और जनता की गाढ़ी कमाई गड्ढों में तब्दील हो जाएगी।

हंगामे के बाद मुंशी ने दी सफाई, जांच की मांग पर अड़े लोग
ग्रामीणों के भारी आक्रोश और मौके पर हंगामे को देखते हुए ठेकेदार के मुंशी ने बचाव की मुद्रा में दलील दी कि शिकायत के बाद बालू की क्वालिटी में सुधार किया गया है और बेहतर सामग्री मंगवाई जा रही है। हालांकि ग्रामीणों ने इस सफाई को पूरी तरह खारिज कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ बालू बदलने की बात कहकर लीपापोती नहीं की जा सकती, जब तक गिट्टी और तारकोल के मिश्रण की आधिकारिक जांच नहीं होती तब तक काम नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने जिले के आला अधिकारियों से निर्माण स्थल पर आकर मेटेरियल की लैब जांच कराने और दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।


