
रोहतास के एक 23 वर्षीय युवक को कर्नाटक में कथित तौर पर बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया (Rohtas Labour Rescue) गया है। डेहरी मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव का रहने वाला युवक रोजगार की तलाश में कर्नाटक के चामराजनगर गया था। वहां हानुर तालुक के एक गन्ने के खेत में उससे कथित तौर पर बंधुआ मजदूर के रूप में काम कराया जा रहा था।

सूचना मिलने के बाद कर्नाटक पुलिस ने खेत पर छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, वहां कई मजदूरों से बिना मजदूरी दिए जबरन काम कराया जा रहा था। इसी कार्रवाई के दौरान रोहतास के युवक को भी मुक्त कराया गया।

गन्ने के खेत में कराया जा रहा था काम
जानकारी के मुताबिक, शंकरपुर गांव का युवक रोजगार की तलाश में कर्नाटक पहुंचा था। आरोप है कि चामराजनगर के हानुर तालुक स्थित एक गन्ने के खेत में उसे बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया था।
कर्नाटक पुलिस को इस संबंध में सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने संबंधित खेत पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, वहां कई मजदूरों से बिना मजदूरी के काम कराए जाने की बात सामने आई।
पुलिस ने छापेमारी कर युवक को कराया रेस्क्यू
कर्नाटक पुलिस की कार्रवाई में रोहतास के युवक को भी रेस्क्यू किया गया। इसके बाद पुलिस टीम उसे लेकर बिहार पहुंची।
कर्नाटक पुलिस की टीम युवक को रोहतास समाहरणालय लेकर पहुंची और जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा को उसे सुपुर्द किया।
युवक के रेस्क्यू के बाद अब स्थानीय प्रशासन पूरे मामले की जानकारी जुटा रहा है।
प्रशासन कर रहा पूरे मामले की जांच
प्रशासन युवक से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटा है कि वह रोजगार के लिए कर्नाटक कैसे पहुंचा। इसके साथ ही वहां उससे किस तरह काम कराया गया और उसके साथ कैसा व्यवहार किया गया, इसकी भी जानकारी ली जा रही है।
फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी। यह कार्रवाई दूसरे राज्यों में रोजगार की तलाश में जाने वाले मजदूरों के शोषण से जुड़े मामलों पर भी सवाल खड़े करती है।
(विकाश चन्दन की रिपोर्ट)


