
Giridih: गिरिडीह जिले के डुमरी स्थित पारसनाथ रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम को नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ चलाए गए अभियान में बहुत बड़ी सफलता हासिल हुई है। देर रात आरपीएफ की मुस्तैद टीम ने करीब पौने पांच लाख रुपये मूल्य का पौने नौ किलो अवैध नशीला पदार्थ (गांजा) बरामद किया है। इसके साथ ही मौके से एक शातिर तस्कर को रंगे हाथों दबोचने में भी सफलता पाई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में 15 लाख रुपये से अधिक है कीमत
बरामद किए गए गांजे की कीमत भारतीय घरेलू बाजार में जहां लगभग 4.75 लाख रुपये बताई जा रही है, वहीं अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में इसकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये से भी अधिक आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की खेप पकड़े जाने से क्षेत्र में सक्रिय मादक पदार्थों के तस्करों में हड़कंप मच गया है।

पूर्वा एक्सप्रेस से उतरते ही बिछाया गया जाल
आरपीएफ की टीम को पहले ही गुप्त सूचना मिल चुकी थी कि ओडिशा की तरफ से आने वाली ट्रेन के जरिए गांजे की बड़ी खेप बिहार भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही आरपीएफ इंस्पेक्टर बिमल कुमार के कुशल नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर छापेमारी अभियान चलाया गया। जैसे ही ओडिशा से बिहार के सासाराम (डेहरी ऑन सोन) के बीच चलने वाली पूर्वा एक्सप्रेस ट्रेन प्लेटफॉर्म पर रुकी, एक संदिग्ध व्यक्ति बड़े-बड़े गठरी (बैग) लेकर नीचे उतरा। आरपीएफ टीम ने तुरंत घेराबंदी कर उसे रोक लिया और बैगों की गहन तलाशी ली, तो उसमें से गांजे का भारी स्टॉक बरामद हुआ।
कड़ाई से पूछताछ में खोला ओडिशा से बिहार का नेटवर्क
शुरुआती जांच और पकड़े जाने के दौरान आरोपी पुलिस को भ्रमित करने के लिए कई तरह के झूठ बोलता रहा और खुद को बेकसूर बताता रहा। लेकिन जब आरपीएफ अधिकारियों ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह ओडिशा से गांजे का यह स्टॉक लेकर बिहार ले जा रहा था, जहां इसे स्थानीय तस्करों को सप्लाई किया जाना था। फिलहाल आरपीएफ की टीम आरोपी को हिरासत में लेकर गहराई से पूछताछ कर रही है, ताकि उसके पूरे सिंडिकेट, गिरोह के अन्य सदस्यों और बिहार में गांजे की यह खेप कहां खपानी थी, इसका पता लगाया जा सके।


