
Ranchi/New Delhi: देवघर स्थित परित्राण मेडिकल ट्रस्ट की संपत्ति को बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट को सौंपने, जमीन के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) और अस्पताल के संचालन के लिए जरूरी अनुमतियां देने से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला आया है। उच्चतम न्यायालय ने झारखंड हाईकोर्ट के उस फैसले को पूरी तरह बरकरार रखा है, जिसमें मेडिकल कॉलेज और अस्पताल संचालन के लिए आदेश दिए गए थे।

राज्य सरकार की याचिका खारिज, देवघर को मिलेगी बड़ी सौगात
झारखंड सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। शीर्ष अदालत में हुई सुनवाई के बाद राज्य सरकार की याचिका खारिज हो गई है। इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही अब देवघर में बाबा बैद्यनाथ मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल शुरू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है, जिससे संताल परगना के लोगों को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में बड़ा लाभ मिलेगा।

‘आज न्याय की जीत हुई’, गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने जताया संतोष
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि आज न्याय की जीत हुई है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से यह साबित हो गया है कि राज्य सरकार बाबा बैद्यनाथ मेडिकल कॉलेज खोलने के जनहित के काम में जबरदस्ती अड़ंगा डाल रही थी। फैसले के बाद क्षेत्र के लोगों में भी खुशी की लहर है।


