
Giridih: गिरिडीह में श्याम सेवा मंडल के तत्वावधान में श्याम प्रभु का दो दिवसीय 47वां वार्षिक महोत्सव पूरे हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ शुरू हो गया है। मंगलवार को उत्सव के पहले दिन शहर में एक बेहद भव्य और अलौकिक निशान यात्रा निकाली गई। हाथों में श्याम बाबा का पवित्र निशान थामे सैकड़ों श्रद्धालुओं का जत्था जैसे ही शहर की कुटिया मंदिर गली से बाहर निकला, पूरा इलाका ‘हारे के सहारे की जय’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। यात्रा में सबसे आगे सजाए गए एक भव्य रथ पर श्याम प्रभु के साथ-साथ भगवान शिव और संकट मोचन हनुमान जी का भी आकर्षक दरबार सजाया गया था।

कांधे पर उठी बाबा की पालकी, आरती उतारकर किया गया स्वागत
इस अलौकिक निशान यात्रा के दौरान स्थानीय भजन गायकों की टीम श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करती नजर आई। ‘देना हो तो दीजिए, जन्म जन्म का साथ…’ जैसे एक से बढ़कर एक भावुक और मधुर भजनों की धुन पर क्या बच्चे, क्या युवा और क्या महिलाएं, हर कोई थिरकता दिखाई दिया। पूरी यात्रा के दौरान श्याम बाबा की भक्ति का अनोखा रंग चढ़ा नजर आया। यात्रा का मुख्य आकर्षण श्याम बाबा की वह पालकी रही, जिसे युवाओं की टोली अपने कांधों पर उठाए चल रही थी। आस्था का आलम यह था कि जगह-जगह श्रद्धालु भक्ति भाव से पालकी के नीचे से गुजरते दिखे और शहर में कई स्थानों पर बाबा की आरती उतारकर निशान यात्रा का स्वागत किया गया।

आज अखंड ज्योत और कल लगेगा स्वामणी का भोग
आयोजन की विस्तृत जानकारी देते हुए श्याम भक्त मंडल के सदस्य संजय भदौलिया ने बताया कि दो दिवसीय महोत्सव का शानदार आगाज निशान यात्रा के साथ हो चुका है। मंगलवार की देर शाम विधि-विधान के साथ अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी, जबकि बुधवार को बाबा को विशेष स्वामणी का भोग अर्पित किया जाएगा। इस दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को ऐतिहासिक और सफल बनाने में सतीश केडिया, राकेश मोदी, डब्लू अग्रवाल, राजेश जालान और अतुल शर्मा समेत मंडल के तमाम सदस्यों की अहम भूमिका रही।


