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सीताकुंड धाम से जल लेकर निकली कलश यात्रा, मां दुर्गा के जयकारों से गूंजा सिरसिया

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शारदीय नवरात्रि के आगमन के साथ ही बिहार के पूर्वी चंपारण में भक्ति और आस्था का माहौल है। जिले के अलग-अलग इलाकों में दुर्गा पूजा की तैयारियां चल रही हैं और पूजा पंडालों में कलश स्थापना के लिए जल यात्रा निकाली जा रही है। इसी क्रम में पिपरा प्रखंड के सिरसिया में दुर्गा पूजा समिति के श्रद्धालु प्राचीन सीताकुंड धाम पहुंचे और वहां से जल लेकर गाजे-बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली। मां दुर्गा के जयकारों और स्तुति गान से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

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सिरसिया दुर्गा पूजा समिति ने निकाली कलश यात्रा

सिरसिया की दुर्गा पूजा समिति की ओर से वर्षों से सीताकुंड धाम से जल लाकर कलश स्थापना करने की परंपरा निभाई जा रही है। इस वर्ष भी समिति के सदस्य और श्रद्धालु सीताकुंड धाम पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद जल लेकर यात्रा पर निकले।

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कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और अन्य श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के बीच निकली इस यात्रा में मां दुर्गा के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

श्रीराम की बारात के विश्राम से जुड़ी है सीताकुंड की मान्यता

प्राचीन सीताकुंड धाम को लेकर एक धार्मिक मान्यता प्रचलित है। कहा जाता है कि भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह के बाद जनकपुर से लौट रही बारात तीसरे दिन इस स्थान पर रुकी थी। मान्यता के अनुसार, बारात में शामिल लोगों ने यहां विश्राम किया था।

किंवदंती के मुताबिक, अगली सुबह माता सीता ने सीताकुंड में स्नान किया और भगवान शिव की आराधना के लिए शिवलिंग की स्थापना की थी। इसी धार्मिक मान्यता के कारण सीताकुंड धाम को क्षेत्र में विशेष महत्व प्राप्त है। श्रद्धालु इस स्थल को आस्था और पौराणिक परंपराओं से जुड़ा पवित्र स्थान मानते हैं।

नवरात्रि में निभाई जाती है जल यात्रा की परंपरा

नवरात्रि के दौरान सीताकुंड धाम से जल लेकर पूजा पंडालों तक पहुंचाने और कलश स्थापना करने की परंपरा आज भी जारी है। सिरसिया की दुर्गा पूजा समिति समेत विभिन्न पूजा समितियां हर साल इस परंपरा का निर्वहन करती हैं।

कलश यात्रा में श्रद्धालुओं की भागीदारी क्षेत्र की धार्मिक आस्था और मां दुर्गा के प्रति उनकी श्रद्धा को दर्शाती है। नवरात्रि के अवसर पर पूजा पंडालों में तैयारियां तेज हो गई हैं और भक्त मां दुर्गा की आराधना में जुटे हैं।

(प्रतिक सिंह की रिपोर्ट)

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