
Supreme Court: मशहूर बॉलीवुड एक्टर और कॉमेडियन राजपाल यादव के लंबे समय से चले आ रहे चेक बाउंस विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फौरी राहत दी है। मामले की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की तीन जजों की बेंच ने एक्टर की ओर से जमा कराए गए 1.15 करोड़ रुपये के भुगतान को रिकॉर्ड पर लिया। बेंच ने साफ किया कि अदालत अभिनेता के पिछले रवैये से पूरी तरह खुश नहीं है, लेकिन उनके द्वारा पैसे जमा करने और बकाया निपटाने की कोशिशों को देखते हुए फिलहाल थोड़ी राहत दी जा रही है।

CJI ने ली चुटकी, बोले वकीलों को लेकर बना लो नई फिल्म
सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में उस वक्त माहौल थोड़ा हल्का हो गया जब CJI सूर्यकांत ने राजपाल यादव से सीधे बात की। CJI ने मुस्कुराते हुए उनसे पूछा कि क्या कोई नई फिल्म आ रही है? इसके बाद चीफ जस्टिस ने उन्हें सलाह दी कि कोई अच्छी सी फिल्म बनाओ, लोगों का फिर से भरपूर मनोरंजन करो और अपनी इमेज को दोबारा चमकाओ। CJI ने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि हमारी अदालत में भी कुछ वकील बहुत शानदार एक्टिंग करते हैं, चाहो तो उनको अपनी फिल्म में कास्ट कर सकते हो।

कोर्ट में छलका दर्द, बोले 13 साल में 250 करोड़ का नुकसान हुआ
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव खुद अदालत में हाजिर थे। हाथ जोड़कर उन्होंने पीठ के सामने अपनी आर्थिक बदहाली की दास्तान सुनाई। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने करियर में 200 से 250 फिल्मों में काम किया है, लेकिन पिछले 13 वर्षों में उन्हें 200 से 250 करोड़ रुपये का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। बतौर डायरेक्टर बनाई गई उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ बुरी तरह फंस गई थी और उनके 17 करोड़ रुपये डूब गए। अभिनेता ने भावुक होते हुए कहा कि रिलीज के वक्त उनके खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी गई, जिसके चलते 1200 स्क्रीन्स पर लगने वाली फिल्म एक भी थिएटर में ठीक से नहीं चल सकी। उन्होंने कहा कि अदालत उन्हें जहां भेजना चाहे वे जाने को तैयार हैं, लेकिन वे कंगाल हो चुके हैं।
प्रॉपर्टी बेचकर 85 लाख और चुकाने की तैयारी
राजपाल यादव के वकील ने पीठ को बताया कि उन्हें अपनी एक प्रॉपर्टी का खरीदार मिल गया है। खरीदार 12 अक्टूबर तक सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में डिमांड ड्राफ्ट के जरिए 85 लाख रुपये जमा करने के लिए तैयार है। अभिनेता के इस रुख को देखते हुए अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते के लिए तय कर दी है।
2010 से चल रहा है 5 करोड़ के कर्ज का विवाद
यह पूरा विवाद साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी पहली डायरेक्टोरियल फिल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का फाइनेंस लिया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक 2013 में इस रकम के सेटलमेंट के तौर पर 1.05 करोड़ रुपये के 7 चेक जारी किए गए थे, जो बैंक में बाउंस हो गए। बाद में ब्याज जोड़कर यह देनदारी 11 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस के कई मामलों में राजपाल यादव की तीन महीने की जेल की सजा को बरकरार रखा था और 1894 दिन की देरी वाली अपील खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट के इसी आदेश और जेल जाने से बचने के लिए अभिनेता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।


