
Giridih: गिरिडीह में एक कोचिंग संस्थान से सिविल इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे 22 साल के छात्र सौरभ राज ने देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक छात्र मूल रूप से दुमका जिले के हंसडीहा थाना क्षेत्र का रहने वाला था और पिछले दो सालों से गिरिडीह में रहकर सिविल इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा था। पढ़ाई का यह उसका अंतिम साल था। घटना की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेज दिया।

शीतलपुर में किराए पर रहता था छात्र
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक छात्र सौरभ राज मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के शीतलपुर इलाके में लाला शर्मा नामक व्यक्ति के मकान में किराए पर रहता था। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। हालांकि शुरुआती चर्चाओं में किसी युवती के साथ प्रेम प्रसंग की बात कही जा रही है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बताया गया कि सौरभ राज ने घटना वाली शाम करीब 7 बजे अपनी मां से फोन पर बात की थी और उसके थोड़ी देर बाद अपने एक दोस्त से भी मोबाइल पर बातचीत की थी।


मकान मालिक के बयानों ने बढ़ाया संदेह
घटनाक्रम के मुताबिक सौरभ से बात करने के बाद उसका दोस्त जब उसके किराए के कमरे पर पहुंचा, तो उसने मकान मालिक को बताया कि सौरभ ने कमरे के अंदर कुछ गलत कर लिया है। इसके बाद मकान मालिक की बेटी और सौरभ का दोस्त कमरे की तरफ भागे। हालांकि इस पूरी घटना को लेकर मकान मालिक लाला शर्मा के अलग-अलग बयानों ने पुलिस की जांच को उलझा दिया है। मकान मालिक ने बताया कि उसकी बेटी के दरवाजा खोलने के बाद दोस्त ने कमरे की खिड़की को झटका देकर खोला, जहां सौरभ का शव खिड़की के पास फंदे से झूल रहा था। इसके बाद दोस्त ने कैंची से फंदे को काटा, जिससे शव नीचे गिरा।
पिता को दी गई घटना की जानकारी
घटना के बाद देर रात ही छात्र के पिता विनय कुमार को मामले की सूचना दी गई। विनय कुमार एक सरकारी शिक्षक हैं और दुमका में कार्यरत हैं। जांच में यह बात भी सामने आई है कि मृतक छात्र सौरभ राज मिशु मंडल के संगठन ‘जनता जागरूक संगठन’ से भी जुड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस मकान मालिक, परिजनों और छात्र के दोस्तों से पूछताछ कर मामले की हर पहलू से गहन जांच कर रही है।


