
Giridih: गिरिडीह के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (षष्ठम) प्रीति कुमारी की अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए दोषी पति विक्रम कुमार को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। गुरुवार को जैसे ही अदालत ने सजा का ऐलान किया, आरोपी विक्रम कोर्ट रूम से बाहर निकलते ही रोने लगा।

अदालत में जोरदार बहस, साक्ष्यों के आधार पर सजा
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता विशाल आनंद ने आरोपी के पक्ष में दलीलें पेश कीं। वहीं, सरकारी वकील सुरेश मरांडी ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कड़ा विरोध दर्ज करते हुए सख्त सजा की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने विक्रम कुमार को अलग-अलग धाराओं में दोषी पाते हुए मुख्य धारा में 10 साल के कठोर कारावास और जुर्माने का फैसला सुनाया। वहीं, एक अन्य धारा में उसे तीन साल की सामान्य कैद और जुर्माने की सजा दी गई है।

कहरवारी गांव का है पूरा मामला
यह पूरा मामला पचंबा थाना क्षेत्र के कहरवारी गांव से जुड़ा है। मृतका के पिता ने पचंबा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी को दहेज की मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित किया गया और फिर उसकी जान ले ली गई। पिता के आवेदन पर केस दर्ज कर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति विक्रम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
आरोप गठन के 24 घंटे के भीतर सजा का ऐलान
इस मामले में अदालत की कानूनी प्रक्रिया बेहद तेज रफ्तार से पूरी की गई। कम समय के भीतर केस का ट्रायल चला और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। बुधवार को अदालत में आरोपी के खिलाफ फॉर्मल चार्ज फ्रेम (आरोप तय) किए गए थे और महज 24 घंटे के भीतर गुरुवार को अदालत ने अंतिम फैसला सुनाते हुए सजा मुकर्रर कर दी।


