
Koderma: कोडरमा जिले की लचर और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर स्थानीय विधायक डॉ. नीरा यादव ने एक बार फिर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने आरोप लगाया कि जिले में स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है और सरकार के बेहतर व्यवस्था के दावे जमीनी धरातल पर पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं।

‘मेरे मंत्री रहते नजीर था सदर अस्पताल’
पूर्व मंत्री व विधायक डॉ. नीरा यादव ने अपने कार्यकाल को याद दिलाते हुए कहा कि जब वे मंत्री थीं, तब कोडरमा सदर अस्पताल की व्यवस्था इतनी बेहतरीन थी कि दूसरे जिलों से भी अधिकारी और लोग यहां की स्वास्थ्य सुविधाओं की स्टडी करने आते थे। लेकिन मौजूदा सरकार की अनदेखी के कारण आज व्यवस्था दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। उन्होंने डोमचांच अस्पताल का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी मरीजों को बेहतर इलाज देने के मकसद से अस्पताल भवन तो बनाया गया, लेकिन आज उसकी हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

केंद्र से पैसा मिलने के बाद भी अधूरा मेडिकल कॉलेज
विधायक ने कोडरमा मेडिकल कॉलेज के निर्माण में हो रही देरी को लेकर भी राज्य सरकार की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पर्याप्त फंड उपलब्ध कराए जाने के बावजूद झारखंड सरकार समय पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा कराने में नाकाम साबित हो रही है। इस लचर रवैये की वजह से जिले की जनता को अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लगातार इंतजार करना पड़ रहा है।
हॉस्पिटलों में डॉक्टर और संसाधन बढ़ाने की मांग
डॉ. नीरा यादव ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की तत्काल उच्च स्तरीय समीक्षा करे। उन्होंने अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती, जरूरी मेडिकल उपकरण और बुनियादी सुविधाएं जल्द से जल्द बहाल करने को कहा, ताकि कोडरमा के गरीब मरीजों को इलाज कराने के लिए दूसरे बड़े शहरों और राज्यों की दौड़ न लगानी पड़े।


