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भारत में बैन के बावजूद धड़ल्ले से बिक रहा जहरीला चीनी लहसुन, ऐसे करें असली-नकली की पहचान

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Chinese Garlic Ban: लहसुन को औषधीय गुणों से भरपूर और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। भारतीय रसोई और प्राचीन चिकित्सा ग्रंथों में इसका इस्तेमाल किसी दवा की तरह होता है। हालांकि, देश के बाजारों में इन दिनों गैर-कानूनी तरीके से चीनी (चाइनीज) लहसुन की बिक्री हो रही है। यह लहसुन सेहत के लिए बिल्कुल भी फायदेमंद नहीं है, बल्कि शोधों में इसे कई गंभीर बीमारियों की वजह माना गया है।

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भारत सरकार ने साल 2014 में ही चाइनीज लहसुन के आयात और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद जागरूकता की कमी के कारण लोग अनजाने में इसे खरीदकर अपनी सेहत को खतरे में डाल रहे हैं।

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क्यों लगाया गया था चाइनीज लहसुन पर बैन?

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इंडिपेंडेंट रिपोर्टर शरद शर्मा के अनुसार, भारत में चाइनीज लहसुन को बैन करने के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण थे।

पहला कारण यह था कि इस लहसुन में बड़े पैमाने पर फंगल इंफेक्शन पाया जा रहा था। दूसरा, इसकी उपज बढ़ाने के लिए भारी मात्रा में खतरनाक केमिकल्स, कीटनाशकों (पेस्टीसाइड्स) और रासायनिक खादों का इस्तेमाल किया जा रहा था। तीसरा सबसे खतरनाक कारण इसे सफेद और चमकदार बनाने के लिए क्लोराइड से ब्लीच करना था।

कैंसर और नर्वस सिस्टम को पहुंच सकता है नुकसान

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सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका समेत कई अन्य देशों में भी चाइनीज लहसुन पर सख्त प्रतिबंध है। यूनाइटेड स्टेट्स एन्वायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी (EPA) की रिपोर्ट के मुताबिक, अत्यधिक केमिकल्स, कीटनाशकों और ब्लीचिंग वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से नर्वस सिस्टम डैमेज होने, हार्मोनल असंतुलन और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

इसके गंभीर खतरों के बावजूद लहसुन कारोबारी जितेंद्र का कहना है कि यह आज भी देश के लगभग हर हिस्से में अवैध रास्तों से पहुंचकर धड़ल्ले से बिक रहा है।

कैसे करें देसी और चाइनीज लहसुन की पहचान?

जांच अधिकारी और सरकारें मिट्टी के अंशों की जांच (सॉइल टेस्ट) के जरिए इसकी पहचान करते हैं, क्योंकि हर देश की मिट्टी की संरचना अलग होती है। वहीं, आम जनता इसे अपने स्वाद और सुगंध के जरिए आसानी से पहचान सकती है।

चाइनीज लहसुन देखने में अत्यधिक सफेद, चमकदार और साफ-सुथरा होता है, लेकिन इसकी प्राकृतिक सुगंध या गंध बेहद हल्की या ना के बराबर होती है। स्वाद में भी यह बहुत कम तीखा होता है।

इसके विपरीत, भारत का देसी लहसुन आकार में थोड़ा असमान और मटमैला दिख सकता है, लेकिन इसका स्वाद काफी तीखा, कसैला और गंध बेहद तेज व तेजतर्रार होती है। लहसुन खरीदते समय इसकी तीखी गंध और रूप-रंग पर ध्यान देकर आप जहरीले चाइनीज लहसुन से बच सकते हैं।

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