
Jamshedpur: जमशेदपुर के पूर्वी सिंहभूम जिले में आने वाले चाकुलिया इलाके में पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने चाकुलिया प्रखंड के सांकाभांगा गांव के पास जंगलों में बड़े पैमाने पर साल (सखुआ) के पेड़ काटे जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि तस्कर बेखौफ होकर कीमती लकड़ियों की कटाई कर रहे हैं और वन विभाग इसे रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है।



राष्ट्रीय राजमार्ग के पास कट गए पेड़, नहीं मिली भनक
दिनेशानंद गोस्वामी ने वन विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस जगह पर पेड़ों की कटाई हुई है, वह नेशनल हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्ग) से महज 3 किलोमीटर दूर है। इतनी मुख्य सड़क के पास जंगल होने के बावजूद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इतने बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जाने की भनक तक नहीं लगी। इससे विभाग की गश्त और चौकसी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्राकृतिक संसाधनों की लूट का लगाया आरोप
दिनेशानंद गोस्वामी ने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछले 7 सालों में बालू, कोयला और पत्थरों की अवैध माइनिंग और चोरी धड़ल्ले से चल रही है। अब तस्करों की नजर जंगलों पर टिक गई है और कीमती लकड़ियों को काटा जा रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि मौजूदा सरकार जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा का वादा करके सत्ता में आई थी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
मुख्यमंत्री से तुरंत रोक लगाने की मांग
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि चाकुलिया समेत पूरे पूर्वी सिंहभूम जिले में हो रही जंगलों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन पर तुरंत कड़ा संज्ञान लेकर रोक लगाई जाए। इस घटना के सामने आने के बाद जमशेदपुर वन विभाग की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।


