
Hazaribagh: हजारीबाग जिले के टाटीझरिया थाना इलाके में स्थित पानीमाको जंगल से मजदूर लाने जा रहे ठेकेदार पंचम महतो और फीटर रामलाल हासंदा के अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले की तेजी से जांच करते हुए दो आरोपियों को धर दबोचा है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर किडनैपिंग की इस घटना में इस्तेमाल किया गया चितकबरा टी-शर्ट और फिरौती में वसूले गए पैसों में से 4,500 रुपये कैश बरामद किए गए हैं।

2 लाख रुपये की मांगी थी फिरौती
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित पंचम महतो ने 10 सितंबर को टाटीझरिया थाने में लिखित आवेदन देकर मामला दर्ज कराया था। शिकायत में बताया गया था कि 9 सितंबर की शाम वे अपने साथी फीटर रामलाल हासंदा के साथ लेबर लाने के लिए पहाड़पुर जा रहे थे। इसी दौरान पानीमाको जंगल में घात लगाए अज्ञात नकाबपोश अपराधियों ने हथियार के बल पर दोनों का अपहरण कर लिया। अपराधियों ने दोनों को छोड़ने के बदले उनके परिजनों से भारी-भरकम फिरौती मांगी। परिजनों द्वारा 10 सितंबर की सुबह 2 लाख रुपये की रकम देने के बाद ही किडनैपर्स ने दोनों को जंगल से रिहा किया।

एसडीपीओ के नेतृत्व में बनी टीम ने दबोचा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीनियर ऑफिसर्स के निर्देश पर विष्णुगढ़ SDPO के नेतृत्व में एक स्पेशल रेडिंग टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब टेक्निकल इनवेस्टिगेशन और टावर लोकेशन को खंगाला, तो आरोपियों का सुराग मिल गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़कीटांड़ निवासी छोटू किस्कू उर्फ घोरला और अलखरी कला निवासी करीब 28 वर्षीय रामलाल हासंदा को गिरफ्तार कर लिया।
पैसा और टी-शर्ट बरामद, भेजे जा रहे जेल
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी छोटू किस्कू की निशानदेही पर पुलिस ने घटना के वक्त पहना गया चितकबरा टी-शर्ट और फिरौती के पैसों में से 2,500 रुपये बरामद किए हैं। वहीं दूसरे आरोपी रामलाल हासंदा के पास से फिरौती के 2,000 रुपये कैश जब्त किए गए हैं। पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी कर रही है।


