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क्या हटेगा 2000 से ऊपर भेजने पर लगने वाला चार्ज? सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका, 15 अक्टूबर से लागू होना है नया शुल्क

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नई दिल्ली: 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI Person-to-Merchant (P2M) लेनदेन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने के केंद्र के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। नया MDR ढांचा 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना निर्धारित है। इसके तहत सामान्य P2M UPI लेनदेन पर 2,000 रुपये से अधिक की राशि पर 0.4% MDR लगाया जाएगा और 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये होगा।

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15 अक्टूबर से लागू होगा नया MDR ढांचा

नए प्रावधान के तहत 2,000 रुपये तक के P2M UPI भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। वहीं, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति यानी Person-to-Person (P2P) UPI ट्रांजैक्शन भी शुल्क से बाहर रहेंगे। सरकार के अनुसार MDR ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाएगा, बल्कि यह भुगतान व्यवस्था में शामिल कारोबारी पक्षों पर लागू होगा।

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इसके अलावा कुछ आवश्यक और कम मार्जिन वाले क्षेत्रों, जैसे रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और ईंधन से जुड़े 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए 5 रुपये का फ्लैट MDR तय किया गया है। पूंजी बाजार से जुड़े कुछ भुगतान पर 0.02% MDR का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये रखी गई है।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका, अधिसूचना पर उठे सवाल

इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में केंद्र की 14 सितंबर की अधिसूचना और 15 सितंबर को घोषित MDR ढांचे को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि शुल्क व्यवस्था लागू करने में पर्याप्त वैधानिक सुरक्षा, पारदर्शिता और सार्वजनिक परामर्श का पालन नहीं किया गया।

याचिका में Payment and Settlement Systems Act, 2007 की धारा 10A के तहत जारी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड को मिलने वाली अलग-अलग शुल्क सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है।

UPI भुगतान पर क्या होगा असर?

नए नियम का असर मुख्य रूप से निर्धारित सीमा से ऊपर के पात्र P2M लेनदेन पर पड़ेगा। आम P2P ट्रांसफर और 2,000 रुपये तक के P2M भुगतान MDR के दायरे से बाहर रहेंगे। सरकार ने यह भी कहा है कि MDR का भुगतान ग्राहक द्वारा सीधे नहीं किया जाएगा।

अब सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर होने वाली सुनवाई में इस नए शुल्क ढांचे को लेकर उठाए गए कानूनी सवालों पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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