
Hazaribagh: हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंघरावां स्थित वैष्णवी ज्वेलरी में हुई भीषण डकैती की वारदात की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने त्वरित और सटीक कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना सहित पांच कुख्यात अपराधियों को धर दबोचा है। पकड़े गए बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 16 लाख रुपये की कीमत के 48.26 ग्राम सोने के जेवर और लगभग 4.051 किलोग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल किया गया एक देशी कट्टा, जिंदा गोली, चाकू और अन्य औजार भी जब्त कर लिए गए हैं।

गोरहर से दबोचे गए गिरोह के पांचों सदस्य
यह सनसनीखेज वारदात 25 और 26 सितंबर 2026 की दरमियानी रात को अंजाम दी गई थी। हथियारबंद बदमाशों ने दुकान और घर में घुसकर पूरे परिवार को बंधक बना लिया था और दुकान में रखे सोने-चांदी के सारे कीमती आभूषण लूटकर फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमन कुमार के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था। जांच टीम ने तकनीकी सर्विलांस और परिस्थितिजन्य सुरागों के आधार पर अपराधियों का सुराग लगाया और पुख्ता गुप्त सूचना मिलते ही गोरहर थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर पांचों को गिरफ्तार कर लिया।

धनबाद और चौपारण से बरामद हुए लूटे गए जेवर और हथियार
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने डकैती की वारदात में अपनी संलिप्तता पूरी तरह स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर धनबाद जिले के हरिणा स्थित विजय ज्वेलर्स से लूटे गए सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए गए। वहीं चौपारण थाना क्षेत्र के ढाब सलोनिया स्थित एक क्रशर के पास बने खंडहरनुमा मकान से अपराध में इस्तेमाल किया गया एक देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, चाकू, पेचकस और प्लास बरामद हुआ। पुलिस ने अपराधियों के पास से दो मोटरसाइकिलें, दो हेलमेट और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
कई जिलों में फैला था गिरोह का खौफनाक नेटवर्क
पूछताछ के दौरान पकड़े गए बदमाशों ने हजारीबाग, गिरिडीह और जमशेदपुर जैसे कई बड़े शहरों में सर्राफा दुकानों की रेकी करने और लूट की योजना बनाने की बात कबूल की है। इन सभी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और ये पहले भी लूट, डकैती तथा आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल जा चुके हैं। गिरोह के सदस्यों ने 10 सितंबर 2026 की रात बगोदर के घाघरा गांव में लूट और 9 अक्टूबर 2026 की रात चांडिल इलाके में एक स्वर्ण व्यवसायी के घर हुई बड़ी लूट में भी अपना हाथ होने की बात स्वीकारी है।
धनबाद और बोकारो के रहने वाले हैं सभी अपराधी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहिउद्दीन अंसारी, गुलजार अंसारी, सद्दाम अंसारी, सोबराती अंसारी और शेख जमील के रूप में हुई है। इनमें से चार अपराधी धनबाद और बोकारो जिले के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं, जबकि शेख जमील वर्तमान में बोकारो जिले के चंदनकियारी थाना क्षेत्र स्थित नवडीहा में रह रहा था। पुलिस अब इन सभी के बयानों के आधार पर अन्य वारदातों के सुराग जुटा रही है।


