
Dumka: दुमका जिले के जामा प्रखंड अंतर्गत गुमछुआ गांव में पिछले दो महीने से बिजली न होने की वजह से ग्रामीणों का सब्र अब टूट चुका है। बिजली की इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम प्रधान नुनुलाल मरांडी की अध्यक्षता में गांव में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भाजपा नेता रामकृष्ण हेंब्रम सहित गांव के बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए।

ट्रक की टक्कर से टूटा था बिजली का खंभा
बैठक में ग्रामीणों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि गुमछुआ गांव में पलसिया मेन रोड के पास 11 हजार केवी हाई वोल्टेज लाइन का पोल एक अनियंत्रित ट्रक के धक्के से टूटकर गिर गया था। पोल टूटने के बाद से ही पिछले लगभग दो महीने से पूरे गांव में बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। लंबे समय से अंधेरे में रहने के कारण लोगों का रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

ढिबरी के सहारे पढ़ाई करने को मजबूर बच्चे
ग्रामीणों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि आज के इस डिजिटल दौर में भी गांव के लोग ढिबरी और लैंप के सहारे रात गुजारने को मजबूर हैं। बिजली न होने से सबसे बुरा असर स्कूली छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है। इसके अलावा मोबाइल चार्ज करने से लेकर पानी और घर के दूसरे जरूरी कामों के लिए लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
समाधान न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी
ग्रामीणों की पूरी बात सुनने के बाद भाजपा नेता रामकृष्ण हेंब्रम ने कहा कि बिजली जैसी बेसिक सुविधा से लोगों को इतने लंबे समय तक दूर रखना बहुत बड़ी लापरवाही है। उन्होंने ग्रामीणों को तुरंत बिजली विभाग के अधिकारियों और दुमका उपायुक्त (DC) को लिखित आवेदन देने का सुझाव दिया। इसके साथ ही उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द से जल्द नया पोल लगाकर बिजली बहाल नहीं की, तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।


