
Jamshedpur: जमशेदपुर के पोटका प्रखंड स्थित हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन के पास चल रही एक पत्थर पिसाई फैक्ट्री की वजह से आसपास के लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। फैक्ट्री में सफेद पत्थर और क्वार्ट्जाइट पत्थरों की लगातार हो रही पिसाई से उड़ने वाले महीन धूल-कणों ने पूरे इलाके के पर्यावरण को बिगाड़ कर रख दिया है।



सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की समस्या
फैक्ट्री से निकलने वाली सफेद धूल आसपास की सड़कों, घरों और खेतों में जमा हो रही है। इस वजह से रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों और स्थानीय निवासियों को सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही है। लोगों ने आंखों में जलन और एलर्जी की शिकायत की है। इतना ही नहीं, यह धूल उड़कर हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म तक पहुंच रही है, जिससे रोज सफर करने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

तालाबों का पानी हुआ खराब, जानवरों ने भी बनाया दूरी
इलाके के प्राकृतिक जलस्रोतों पर भी इस धूल का बुरा असर पड़ा है। आसपास के तालाबों में धूल जमने से पानी इस हद तक प्रदूषित हो चुका है कि मवेशी भी उसे पीने से परहेज कर रहे हैं। इससे गांव के पशुपालकों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

फैक्ट्री बंद करने की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद सदस्य सूरज मंडल और भाजपा नेता मनोज सरदार ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के चलाई जा रही इस फैक्ट्री से लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्री पर तुरंत कार्रवाई करते हुए इसे बंद कराया जाए।


