
Fact: हवाई जहाज में सफर करते समय आपने खिड़की के निचले हिस्से में एक छोटा सा छेद जरूर देखा होगा. पहली नजर में यह किसी खराबी जैसा लग सकता है, लेकिन असल में यह विमान की खिड़की के डिजाइन का अहम हिस्सा होता है. इसका काम हवा के दबाव को संतुलित रखने में मदद करना है.


खिड़की में छेद बनाने की क्या है वजह?
हवाई जहाज जब काफी ऊंचाई पर उड़ता है, तो विमान के बाहर हवा का दबाव कम हो जाता है. वहीं, यात्रियों की सुरक्षा के लिए केबिन के अंदर दबाव को नियंत्रित रखा जाता है. इस अंतर के कारण खिड़की की अलग-अलग परतों पर दबाव पड़ता है.
खिड़की की बीच वाली परत में मौजूद इस छोटे छेद को ‘ब्लीड होल’ कहा जाता है. यह केबिन और खिड़की की परतों के बीच दबाव को संतुलित करने में मदद करता है. इससे बाहरी परत पर पड़ने वाले दबाव को नियंत्रित तरीके से संभालने में सहायता मिलती है.
धुंध जमने से रोकने में भी मददगार
इस छोटे छेद का एक और काम है. यह खिड़की की परतों के बीच नमी जमा होने की समस्या को कम करने में मदद करता है. इससे खिड़की पर धुंध बनने की आशंका घट सकती है और बाहर का नजारा साफ दिखाई देने में मदद मिलती है. इसलिए अगली बार विमान की खिड़की में छोटा सा छेद दिखाई दे, तो उसे खराबी समझने की जरूरत नहीं है. यह विमान के डिजाइन में शामिल एक उपयोगी इंजीनियरिंग व्यवस्था है.


