
Jharkhand State Ambulance Employees’ Union: झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर राज्यभर के 108 आपातकालीन एम्बुलेंस कर्मियों का चरणबद्ध आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दूसरे दिन भी कर्मचारियों ने बांह पर काला बिल्ला बांधकर अपनी ड्यूटी का निर्वहन किया और आवश्यक सेवाओं को बाधित किए बिना अपनी लंबित मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। संघ का आरोप है कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर लगातार शासन-प्रशासन का ध्यान खींचा जा रहा है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस और सकारात्मक पहल सामने नहीं आई है।

सरकारी माध्यम से संचालन और हटाए गए कर्मियों की बहाली मुख्य मांग
संघ ने अपनी मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अभियान निदेशक द्वारा जारी पत्रांक 2499 (MD), दिनांक 06.08.2026 के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके तहत जिला स्तर पर सरकारी माध्यम से 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन शुरू होना चाहिए। इसके अलावा एजेंसी सम्मान फाउंडेशन द्वारा सेवा से मनमाने ढंग से हटाए गए कर्मचारियों को संबंधित जिलों में अविलंब पुनः बहाल किया जाए। साथ ही कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम भत्ता, ग्रेच्युटी और न्यूनतम वेतन सहित सभी वैधानिक श्रम अधिकार उपलब्ध कराए जाएं।

सरकार की चुप्पी पर बोले प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों ने हमेशा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा को सर्वोपरि मानते हुए विषम परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई है। इसके बावजूद जीवनरक्षक सेवा से जुड़े कर्मियों की लंबित मांगों पर सरकार की चुप्पी बेहद चिंताजनक है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह स्थिति की गंभीरता को समझे और कर्मचारियों की समस्याओं का संज्ञान लेते हुए वार्ता के जरिए तत्काल ठोस और सकारात्मक समाधान निकाले।
कैंडल मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल तक का पूरा रोडमैप तय
संघ ने आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि 14 से 19 सितंबर तक सभी कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर नियमित कार्य करते हुए विरोध जारी रखेंगे। इसके बाद चरणबद्ध कार्यक्रम के तहत 19 सितंबर को कैंडल मार्च निकाला जाएगा, 21 सितंबर को भिक्षाटन किया जाएगा और 23 सितंबर को सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन होगा। यदि इसके बाद भी समाधान नहीं निकला, तो 25 सितंबर को राज्यव्यापी एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल करते हुए नामकुम (रांची) स्थित एनएचएम कार्यालय के समक्ष महाधरना दिया जाएगा। अंततः मांगें पूरी न होने की स्थिति में 28 सितंबर से राज्यभर में 108 एम्बुलेंस का चक्का जाम कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा लोकतांत्रिक संघर्ष
कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार से स्पष्ट अपील की है कि आंदोलन के आगामी कड़े चरणों से पूर्व ही लंबित मांगों पर संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान असुविधा का सामना न करना पड़े। संघ ने यह भी दोहराया कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और संगठित है और जब तक कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों की बहाली नहीं हो जाती, यह संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।


