
Gumla: देश के लिए अंतरराष्ट्रीय हॉकी में स्वर्ण पदक जीतकर भारत, झारखंड और गुमला जिले का नाम पूरे विश्व में रोशन करने वाली स्टार खिलाड़ी पार्वती तोपनो का परिवार इन दिनों बदहाली और भारी आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। गुमला जिले के कामडारा स्थित कुम्हार टोली में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण उनके कच्चे मकान की दीवार अचानक ढह गई। बदहाल परिजनों ने फिलहाल लकड़ी के खंभों के सहारे किसी तरह ढही हुई दीवार और छत को टिकाकर रखा है, जिससे कभी भी पूरे घर के धराशायी होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

मजदूरी कर परिवार पालते हैं पिता, एनिफानी स्कूल से शुरू हुआ सफर
गोल्ड मेडलिस्ट पार्वती के पिता सोमा तोपनो पेशे से राजमिस्त्री और दिहाड़ी मजदूरी का काम करके किसी तरह अपने परिवार का पेट पालते हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी पार्वती ने बचपन में एपिफानी बालिका विद्यालय में पढ़ाई के दौरान ही हॉकी स्टिक थामी थी। खेल के प्रति उसकी लगन और अद्भुत प्रतिभा को देखते हुए बाद में उसका चयन रांची स्थित मशहूर एकलव्य हॉस्टल में हुआ, जहां उसने हॉकी की बारीकियों का कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई।

चीन में भारत को जिताया गोल्ड, जिले की इकलौती खिलाड़ी
हाल ही में 4 से 13 सितंबर तक चीन में आयोजित हुए जूनियर महिला एशिया कप में पार्वती तोपनो गुमला जिले की एकमात्र ऐसी हॉकी खिलाड़ी थीं जिनका चयन भारतीय राष्ट्रीय टीम में हुआ था। टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए पार्वती ने भारतीय टीम को स्वर्ण पदक जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। मैदान पर देश का परचम लहराने वाली इस बेटी के घर की मौजूदा जर्जर हालत ने अब खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
प्रशासन से तुरंत मदद की गुहार, पक्के मकान की मांग
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाने वाली खिलाड़ी के घर की ऐसी दुर्दशा को देखते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने गुमला जिला प्रशासन और प्रखंड प्रशासन से त्वरित वित्तीय व आवासीय मदद की गुहार लगाई है। पार्वती के पिता ने प्रशासन से अपील की है कि उनके परिवार को बेघर होने से बचाने के लिए जल्द से जल्द पक्के मकान की व्यवस्था या आपातकालीन सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि देश का नाम रोशन करने वाली बेटी को ऐसे मुश्किल हालात का सामना न करना पड़े।


