
Jamshedpur: जमशेदपुर के तुरामडीह में UCIL गेट के पास झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन (JKMU) की कोल्हान समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में यूनियन के केंद्रीय महामंत्री कॉमरेड डीसी गोहाई मुख्य रूप से मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने धनबाद ट्रिब्यूनल कोर्ट के आदेश की प्रतिलिपि पढ़कर मजदूरों को सुनाई और मामले की जानकारी दी।

2013 से चल रही थी कानूनी लड़ाई
यूनियन के अनुसार, UCIL की बंदुहुरंग माइंस में वर्ष 2013 के दौरान काम करने वाले 226 ठेका मजदूरों के बकाया और वैधानिक अधिकारों से जुड़े मामले को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही थी। मजदूरों का कहना था कि उन्हें उनके श्रम और सेवा से जुड़े देय भुगतान और वैधानिक लाभ नहीं मिले।

मामले की सुनवाई के बाद धनबाद ट्रिब्यूनल कोर्ट ने संबंधित ठेका कंपनी गल्फ ऑयल कॉरपोरेशन को 226 मजदूरों के पक्ष में करीब 2.50 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।
मजदूरों की एकजुटता को बताया बड़ी उपलब्धि
JKMU के केंद्रीय महामंत्री डीसी गोहाई ने कोर्ट के आदेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला मजदूरों की एकजुटता, लंबे संघर्ष और अपने कानूनी अधिकारों के लिए चलाए गए आंदोलन को मजबूती देता है। बैठक में मौजूद मजदूरों ने भी कोर्ट के आदेश को अपने लंबे संघर्ष से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
भगत सिंह के जीवन और विचारों पर भी चर्चा
बैठक के दौरान शहीद भगत सिंह के जीवन और उनके विचारों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारी होने के साथ न्याय, समानता और शोषणमुक्त समाज के पक्षधर थे। उन्होंने मजदूरों, किसानों, युवाओं और छात्रों के अधिकारों से जुड़े उनके विचारों का भी उल्लेख किया।
वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह का जीवन युवाओं को साहस, त्याग, वैज्ञानिक सोच और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा देता है।


