
Ranchi: रांची विश्वविद्यालय में पिछले कई सालों से अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर अपनी सेवाएं दे रहे 36 कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है। विश्वविद्यालय के इन सभी 36 कर्मचारियों को नियमित (परमानेंट) करने की प्रक्रिया पूरी तरह संपन्न कर ली गई है। नियमित होने वाले इन कर्मचारियों में 20 तृतीय श्रेणी (ग्रेड-3) और 16 चतुर्थवर्गीय (ग्रेड-4) कर्मचारी शामिल हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा हरी झंडी दिए जाने के बाद अब इन कर्मचारियों को स्थायी सेवा का लाभ मिलेगा।

हाईकोर्ट के निर्देश और दस्तावेजों की जांच के बाद फैसला
यह पूरा मामला झारखंड हाईकोर्ट की चौखट तक पहुंचा था, जिसके बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने रांची विश्वविद्यालय प्रशासन से इन कर्मचारियों की प्रारंभिक नियुक्ति प्रक्रिया और उनके कार्य रिकॉर्ड से जुड़े सभी दस्तावेजों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इसके जवाब में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार (कुलसचिव) ने सभी आवश्यक और सत्यापित कागजात निदेशालय को तुरंत उपलब्ध करा दिए थे। कागजातों की बारीकी से जांच करने के बाद निदेशालय ने विवि प्रशासन के नियमितीकरण वाले प्रस्ताव पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी।

2006 से 2011 के बीच हुई थी अनुबंध पर बहाली
इन कर्मचारियों के लंबे संघर्ष का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 21 सितंबर 2021 को ही इन कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय ले लिया था और छठे वेतनमान के तहत वेतन निर्धारण का प्रस्ताव निदेशालय को भेजा था। हालांकि, उस समय निदेशालय ने इस प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी। नियमित हुए ये सभी कर्मचारी वर्ष 2006 से 2011 के बीच अलग-अलग पदों पर अनुबंध के आधार पर बहाल किए गए थे। विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में भी सीनेट सदस्य डॉ. अटल पांडेय ने इस मुद्दे को काफी प्रमुखता से उठाया था।
स्थायी होने वाले 36 कर्मचारियों की सूची जारी
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार नियमित होने वाले कर्मचारियों में धर्मेंद्र कुमार, नयमा खातून, अनुज कुमार सिन्हा, धीरज बेदिया, नसीमा खातून, राकेश कुमार, शमशेर अली, गीता उरांव, अनिल कुमार, रागिनी मिश्रा, विनय कुमार, मंजय प्रमाणिक, दिनेश्वर प्रसाद, सुभाष कच्छप, अमित कुमार, सुमन महतो, क्षितिज कुमार श्रीवास्तव, मो शमीम अहमद खान, शंकर गोदर, इसाक एक्का, मो फेदा, बीणा कुमारी, संजय तिर्की, प्रतिमा मिंज, जगनी कुमारी, धरम मुंडा, दिनेश कुमार, शमीम अंसारी, राजेश सिंह, जीतेंद्र कुमार, संतोष कुमार मंडल, राजू बहादुर राय, रवींद्र कुमार पासवान, सरिता कच्छप और शंकर भंडारी शामिल हैं। बरसों की अनिश्चितता के बाद परमानेंट होने पर इन सभी कर्मियों और उनके परिवारों में भारी खुशी का माहौल है।


