
पटना: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के ‘बेचारा’ वाले बयान पर पलटवार किया है। एक पॉडकास्ट के दौरान सीएम सम्राट चौधरी ने प्रशांत किशोर को ‘बेचारा’ कहा था। अब पीके ने इसी शब्द को अपने जवाब का आधार बनाते हुए कहा कि “हां, मैं बेचारा हूं, क्योंकि बिहार को बदलने के संकल्प के सामने कोई और चारा नहीं है।”

प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री ने उन्हें ‘बेचारा’ कहा है तो यह बात सही है। उनके मुताबिक, बेचारा वही होता है जिसके पास कोई दूसरा चारा या विकल्प नहीं होता। उन्होंने कहा कि बिहार को सुधारने और बदलने के संकल्प के अलावा उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

‘बिहार को छोड़कर जाने का कोई चारा नहीं’
प्रशांत किशोर ने अपने बयान में कहा कि बिहार को बदलने का उनका संकल्प ही उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिहार को छोड़कर जाने का उनके पास कोई चारा नहीं है।
पीके ने मुख्यमंत्री के बयान को अपने अंदाज में लेते हुए कहा कि बिहार को बेहतर बनाने की कोशिश के अलावा उनके सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इस तरह उन्होंने ‘बेचारा’ शब्द को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर ही सियासी पलटवार कर दिया।
पॉडकास्ट में सीएम सम्राट चौधरी से पूछा गया था सवाल
दरअसल, एएनआई के पॉडकास्ट में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बांकीपुर के नतीजों और प्रशांत किशोर को लेकर सवाल पूछा गया था। बातचीत के दौरान बांकीपुर उपचुनाव के समय प्रशांत किशोर की ओर से मुख्यमंत्री को लेकर की गई टिप्पणियों का भी जिक्र हुआ था।
इस पर सम्राट चौधरी ने व्यक्तिगत टिप्पणी से दूरी बनाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था, “वो बेचारा है, चलिए उसको करने दीजिए।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि उनकी किसी व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। उनका फोकस बिहार के विकास और काम करने पर है।
सम्राट चौधरी ने यह भी कहा था कि अगर कोई उनके खिलाफ अदालत जाता है तो उसे ऐसा करने का संवैधानिक अधिकार है। उनके इसी बयान पर अब प्रशांत किशोर ने जवाब दिया है।
बिहार की बाढ़ पर भी सरकार को घेरा
प्रशांत किशोर ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले करीब 20 वर्षों से एनडीए की सरकार है, इसके बावजूद हर साल बड़ी संख्या में लोगों को बाढ़ की समस्या झेलनी पड़ती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। पीके के मुताबिक, इसकी एक बड़ी वजह यह है कि सत्ता में बैठे नेताओं और अधिकारियों के लिए बाढ़ से जुड़े काम कमाई का जरिया बन गए हैं।
प्रशांत किशोर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार में बाढ़ और जलजमाव को लेकर सरकार पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। ऐसे में ‘बेचारा’ बयान पर पीके का पलटवार और बाढ़ के मुद्दे पर सरकार पर हमला, दोनों ने बिहार की सियासत में बयानबाजी को और तेज कर दिया है।


