
Hartalika Teej 2026: राजधानी में सोमवार को सुहागिन महिलाओं ने अटूट आस्था, निष्ठा और समर्पण के साथ हरितालिका तीज का कठिन निर्जला एवं निराहार व्रत रखा। महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की मंगल कामना करते हुए देवाधिदेव महादेव तथा जगत जननी माता पार्वती की संपूर्ण विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस पावन अवसर पर शहर के प्रमुख शिवालयों और घरों में दिनभर भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला।

पार्थिव शिवलिंग की स्थापना और पारंपरिक गीतों की गूंज
व्रती महिलाओं ने शुभ मुहूर्त में भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। पूजा स्थलों पर आकर्षक पुष्प मंडप सजाए गए, जहां महिलाओं ने पवित्र बालू और मिट्टी से निर्मित पार्थिव शिवलिंग की विधिपूर्वक स्थापना की। रंग-बिरंगी बांस की डलियों में फूल, फल, अक्षत, चंदन, धूप, दीप और नैवेद्य सजाकर पूजा के लिए पहुंचीं सुहागिनों ने तीज के पारंपरिक और मांगलिक गीत गाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

शिव-गायत्री महामंत्र के जाप से गूंजे पूजा स्थल
पूजा-अर्चना के दौरान व्रतियों ने शिव-गायत्री महामंत्र और पंचाक्षरी मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप किया। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ से सदा सुहागन रहने का आशीर्वाद मांगा और पूरे परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए यह कठोर तपस्या की थी, जिसे सुहागिन महिलाएं अपनी वैवाहिक खुशहाली के लिए पूरी निष्ठा से निभाती हैं।
मंगलवार की सुबह पारण और दान-पुण्य के साथ होगा समापन
इस 24 घंटे के कठिन अनुष्ठान का विधिवत पारण मंगलवार की सुबह संपन्न होगा। उपवास रखने वाली महिलाएं मंगलवार भोर में देवी-देवताओं की अंतिम पूजा-अर्चना और आरती के बाद अन्न-जल ग्रहण कर अपना व्रत खोलेंगी। इसके बाद परिवारजनों और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा। व्रत की पूर्णता पर महिलाएं अपनी सामर्थ्य के अनुसार पुजारियों और जरूरतमंदों को वस्त्र, अन्न, द्रव्य और मौसमी फलों का दान करेंगी।


